Tuesday, February 17, 2026

मुझे राजस्थान और यहां की कल्चर से बहुत ज्यादा लगाव है: अभिनेत्री जाह्नवी सोनी


मुंबई, 30 दिसंबर (आईएएनएस)। ‘पारो संग देव’ की अभिनेत्री जाह्नवी सोनी ने कहा कि मुझे राजस्थान और यहां की संस्कृति से बहुत ज्यादा लगाव है। उन्होंने जयपुर के बारे में बोलते हुए कहा कि जैसा कि शहर का नाम पिंक सिटी है, यहां सबकुछ ऐसा ही है; यहां की हवा में कुछ है। यहां की हवाएं गुलाबी हैं। जयपुर और उसकी हवा में रोमांस है।

उन्होंने कहा कि जयपुर मुझे इतना पसंद है कि मैं हमेशा वहां जाने के बारे में सोचती रहती हूं। हालांकि अभी वहां पर बहुत सर्दी है। जयपुर में बहुत शांति है। जैसा कि अब हमारा शो ऑफ एयर हो गया है, तो मैं किसी भी तरह वहां जाना चाहती हूं। यहां बहुत सुकून है।

उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी और भूमि पेडनेकर जैसे कलाकारों के साथ काम करने से जुड़े सवाल पर कहा कि वे सब भी उसी प्रक्रिया से निकलकर आए हैं। उन सभी में वह गंभीरता है जो मैं मानकर चल रही थी। कुछ लोगों को भ्रम है कि कलाकार नशा करते हैं, ड्रग्स लेते हैं, लेकिन यह सब अफवाह है। ऐसा यहां कुछ भी नहीं है।

वहीं, ‘वन टू चा चा चा’ में कॉमेडी फिल्म के अभिनेता हर्ष मायर ने कहा कि कॉमेडी में एक और साइड एक्सप्लोर करने का मौका मिला, बड़ा मजा आया यह फिल्म करने में। क्योंकि यह एक कॉमेडी फिल्म है, तो इसका दर्शकों को बहुत इंतजार होगा, क्योंकि बॉलीवुड में सालों से कोई क्लीन कॉमेडी फिल्म नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि एक एक्टर की तरफ से मुझे फिल्में करने में बहुत मजा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मुझे बहुत सारे किरदार करने हैं। पुलिस, जासूस, और कई दूसरी तरह के रोल मैं करना पसंद करूंगा।

उन्होंने कहा कि एक्टिंग समय के साथ-साथ और निखरती जाती है। यह एक हमेशा सीखने वाली प्रक्रिया है। जब हम सीखना बंद कर देते हैं तो हमारी एक्टिंग वहीं रुक जाती है, इसलिए सीखना बहुत जरूरी है। फिल्म ‘हिचकी’ में रानी मुखर्जी के साथ काम करने को लेकर उन्होंने कहा कि मैंने उनसे बहुत सारा सीखा है। बॉलीवुड में रानी के जैसे मंझे हुए बहुत कम कलाकार हैं। हालांकि, कई बार धुरंधर कलाकारों के साथ काम करने में हिचक होती है, लेकिन उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

अभिनेत्री प्रिया मलिक ने आईएएनएस से अपनी आवाज को लेकर कहा कि पहले अल्फाज आते हैं और फिर उन अल्फाज को आप अपनी आवाज देते हैं। फिर एक ऐसा पॉइंट आता है, जब अल्फाज आपकी आवाज बन जाते हैं और आपकी आवाज आपके अल्फाज बन जाते हैं, ये एक साइकल है। यह एक सफर है, जो कविता के साथ पूरा होता है।

उन्होंने कहा कि कविता मेरे लिए मेरी पूजा, जुनून और भक्ति है। यह मेरे लिए सबकुछ है। कविताएं आपको जीना और प्यार करना सिखाती हैं। यहां तक कि कविताएं आपको जीवन का पाठ सिखाती हैं।

–आईएएनएस

एमएस/डीकेपी


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