Saturday, February 21, 2026

टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जैमीसन ग्रीर बोले, ट्रेड पॉलिसी जारी रहेगी


वॉशिंगटन, 21 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए व्यापक टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। इस फैसले के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद ट्रंप सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्रेड एजेंडा को लागू करना जारी रखेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दूसरे कानूनी तरीकों का इस्तेमाल पहले से ही किया जा रहा है।

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने 6–3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम, 1977 के तहत बिना कांग्रेस की अनुमति दिए व्यापक टैरिफ लगाए हैं, जो कि संविधान के खिलाफ है। टैरिफ लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं।

फॉक्स न्यूज से बातचीत के दौरान ग्रीर ने कहा कि कानूनी रास्ता बदलने पर भी सरकार का तरीका वैसा ही रहेगा। ग्रीर ने कहा, “इसके साथ ही अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का ऑफिस कई अलग-अलग देशों द्वारा अनफेयर ट्रेडिंग प्रैक्टिस के सेक्शन 301 के तहत कई जांच शुरू करेगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि अगर वे उन मुद्दों को हल नहीं करते हैं, तो क्या हम उस आधार पर टैरिफ लगा सकते हैं, अगर हमें इसकी जरूरत है।”

उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा राष्ट्रीय सुरक्षा उपायों को बनाए रखेगी। बेशक, हमारे पास ऑटो स्टील, एल्युमीनियम, वगैरह पर मौजूदा नेशनल सिक्योरिटी टैरिफ हैं। हालांकि, टूल्स बदल सकते हैं, लेकिन पॉलिसी वही रहेगी।”

ग्रीर ने कहा, “इससे हमें दुनिया की आधी आबादी को कवर करने वाली ढेरों डील्स हासिल करने में मदद मिली, जिससे हमें मार्केट एक्सेस मिला जो हमें 30 सालों से नहीं मिला था और हमारे पास ये एग्रीमेंट्स हैं और इसलिए हम बस एक अलग टूल का इस्तेमाल करेंगे।”

उन्होंने मार्केट और ट्रेडिंग पार्टनर को यह भी भरोसा दिलाने की कोशिश की कि आईईईपीए-बेस्ड टैरिफ से दूर जाने से अस्थिरता नहीं आएगी।

ग्रीर ने कहा, “इसलिए हमें कोई रुकावट देखने की नहीं, कंटिन्यूटी देखने की उम्मीद है। हमें उम्मीद है कि सभी अपना समझौता निभाएंगे। इसलिए मुझे लगता है कि यह प्रेसिडेंट की ट्रेड पॉलिसी पर लगातार बढ़ोतरी होगी, जो बहुत सफल रही है।”

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप सरकार ने 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के तहत टेम्पररी 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ की घोषणा की और कथित गलत ट्रेड प्रैक्टिस की सेक्शन 301 जांच को बढ़ाने का संकेत दिया। नेशनल सिक्योरिटी की चिंताओं से जुड़े मौजूदा सेक्शन 232 टैरिफ लागू रहेंगे।

–आईएएनएस

केके/वीसी


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