चेन्नई, 15 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अर्चना पटनायक ने घोषणा की है कि राज्य की अंतिम मतदाता सूची अब 23 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।
पहले यह सूची 17 फरवरी को जारी की जानी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप इसकी तिथि स्थगित कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय न्यायिक निर्देशों के पूर्ण अनुपालन और प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
न्यायालय के आदेशों पर कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने 30 जनवरी को एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान पहचानी गई “तार्किक विसंगतियों” की श्रेणी में आने वाले व्यक्तियों की सूचियों को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया। आयोग के निर्देशों के अनुसार, इन व्यक्तियों के नाम राज्य भर के शहरी क्षेत्रों में ग्राम पंचायत कार्यालयों, प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, तालुक और उप-मंडल कार्यालयों तथा वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित किए गए हैं।
इस कदम का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और उन मतदाताओं को अवसर देना है, जिनके नाम विसंगति सूची में शामिल किए गए हैं, ताकि वे अपने चुनावी अभिलेखों में पाई गई त्रुटियों को स्पष्ट कर सकें या आवश्यक सुधार करा सकें। चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन व्यक्तियों के नाम इन सूचियों में शामिल हैं, उन्हें प्रकाशन की तिथि से 10 दिनों के भीतर संबंधित दस्तावेज या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाए। प्रभावित मतदाता स्वयं या अपने अधिकृत प्रतिनिधि, जिसमें मतदान एजेंट भी शामिल हो सकते हैं, के माध्यम से अपनी आपत्ति या स्पष्टीकरण दाखिल कर सकते हैं। इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक मतदाताओं को उचित सुनवाई का अवसर दिए बिना मतदाता सूची से बाहर न किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में विसंगति सूचियों का प्रकाशन पहले ही किया जा चुका है और वर्तमान में प्रभावित व्यक्तियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की अनुमति दी जा रही है। 1 जनवरी, 2026 को पात्रता तिथि मानते हुए विशेष गहन संशोधन के तहत तैयार की जा रही अंतिम मतदाता सूची में प्राप्त आपत्तियों और स्पष्टीकरणों की जांच के बाद आवश्यक सुधार शामिल किए जाएंगे।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 23 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पुनरीक्षण कार्य पारदर्शी, जवाबदेह और विधिक प्रावधानों के अनुरूप किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना को न्यूनतम रखा जा सके।
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