तेलंगाना ने कृषि कनेक्शन, लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के लिए नया डिस्कॉम बनाया


हैदराबाद, 11 मार्च (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने बुधवार को राज्य में मौजूदा दो डिस्कॉम के अलावा तीसरी बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) बनाने को मंजूरी दे दी।

नई कंपनी का नाम तेलंगाना रायथू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (टीजीआरपीडीसीएल) है, जिसे रायथू डिस्कॉम भी कहा जाता है, और यह सरकार द्वारा सपोर्टेड कंज्यूमर कैटेगरी को बिजली सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन का काम संभालेगी।

एनर्जी डिपार्टमेंट ने बुधवार को नई डिस्कॉम बनाने के ऑर्डर जारी किए, जो सभी एग्रीकल्चरल कनेक्शन, लिफ्ट इरिगेशन स्कीम, कम्पोजिट प्रोटेक्टेड वॉटर सप्लाई स्कीम (सीपीडब्ल्यूएस)/मिशन भागीरथ, हैदराबाद मेट्रो वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (एचएमडब्ल्यूएसएसबी) और अलग डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर वाले म्युनिसिपल वॉटर कनेक्शन को बिजली सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए जिम्मेदार होगी।

आईएएस ऑफिसर मुशर्रफ अली फारूकी को नई डिस्कॉम का चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) अपॉइंट किया गया है। जीओ में नई एंटिटी के लिए चार डायरेक्टर भी चुने गए हैं।

राज्य में अभी दो डिस्कॉम, नॉर्दर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनपीडीसीएल) और सदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसपीडीसीएल) हैं। ये एक के बाद एक 15 और 18 जिलों को कवर करती हैं। अपने ट्रांसफर से पहले, फारूकी बाद वाली कंपनी के सीएमडी के तौर पर काम कर रहे थे। पिछले साल नवंबर में राज्य कैबिनेट ने राज्य में बिजली डिस्ट्रीब्यूशन को रीस्ट्रक्चर करने के लिए एक नया डिस्कॉम बनाने को मंज़ूरी दी थी। इस कदम का मकसद मौजूदा यूटिलिटीज की फाइनेंशियल और ऑपरेशनल चुनौतियों को दूर करना है।

डिस्कॉम की खराब फाइनेंशियल हालत की वजह से खेती और दूसरे सेक्शन को फ्री और सब्सिडी वाली बिजली सप्लाई है। माना जाता है कि इसी वजह से वे पूरे राज्य में भरोसेमंद और अच्छी क्वालिटी की बिजली सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं।

दिसंबर में, यह घोषणा की गई थी कि सरकार द्वारा दिए जाने वाले खेती के बिजली कनेक्शन, एचएमडब्ल्यूएसएसबी और लिफ्ट इरिगेशन स्कीम से जुड़ी लगभग 30 लाख सर्विस नए डिस्कॉम के अधिकार क्षेत्र में आएंगी।

एनर्जी डिपार्टमेंट ने पहले ही मौजूदा पावर यूटिलिटीज से 2,000 इंजीनियरों/स्टाफ को तीसरे डिस्कॉम में ट्रांसफर करने के ऑर्डर जारी कर दिए हैं।

तीसरे डिस्कॉम के बनने से बिजली सेक्टर की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार होने और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में आसानी होने की उम्मीद है। इससे पावर सेक्टर में सुधार लागू करने में भी मदद मिलेगी।

–आईएएनएस

एससीएच


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