ऑस्कर विजेता हांस जिमर के लाइव कॉन्सर्ट में शामिल होंगी श्वेता त्रिपाठी


मुंबई, 1 मार्च (आईएएनएस)। अक्सर ऐसा होता है कि कई बार फिल्म खत्म हो जाती है, लेकिन उसकी धुनें लंबे समय तक हमारे साथ रहती हैं। कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो संगीत को सिर्फ सुनते नहीं, बल्कि उसे महसूस करते हैं और अपने काम का हिस्सा बनाते हैं। अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी भी उन्हीं कलाकारों में से एक हैं।

उनके लिए फिल्म संगीत सिर्फ बैकग्राउंड साउंड नहीं, बल्कि भावनाओं को समझने और किरदार को जीने का जरिया है। इस बीच वह जल्द ही नीदरलैंड के शहर एम्स्टर्डम में होने वाले म्यूजिक कंपोजर हैंस जिमर के लाइव कॉन्सर्ट में शामिल होंगी।

हैंस जिमर को दुनिया के सबसे बड़े फिल्म संगीतकारों में गिना जाता है। उन्हें ऑस्कर और ग्रैमी जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में यादगार संगीत दिया है। इनमें ‘ड्यून’, ‘इंटरस्टेलर’, और ‘द डार्क नाइट’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

श्वेता ने कहा, ”इन फिल्मों का संगीत मेरे अभिनय सफर में हमेशा मौजूद रहा है। जब भी मैं इन फिल्मों को देखती हूं, तो उनका संगीत मुझे नई ऊर्जा देता है। जिमर की धुनें बिना शब्दों के भावनाओं को समझा देती हैं।”

इस यात्रा को लेकर श्वेता ने कहा, ”मैं इसे सिर्फ एक कॉन्सर्ट के रूप में नहीं देख रही हूं, बल्कि यह मेरे लिए एक खास अनुभव होगा। अभिनय का मतलब सिर्फ डायलॉग्स बोलना नहीं होता, बल्कि भावनाओं को महसूस करना और उन्हें सच्चाई से दिखाना होता है। ऐसे में जिमर का संगीत मुझे भावनाओं को बेहतर समझने में मदद करता है। लाइव कॉन्सर्ट में बैठकर उस ऊर्जा को महसूस करना मेरे लिए बेहद खास होगा।”

श्वेता ने कहा, “यह सफर मेरे रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से थोड़ा ब्रेक देगा। मैं इसे अपने लिए एक छोटा सा ब्रेक मानती हूं, जहां मैं बिना किसी दबाव के सिर्फ संगीत को महसूस कर सकूं। मेरा मानना है कि कभी-कभी कलाकार के लिए जरूरी होता है कि वह रुककर कुछ नया अनुभव करे। इससे सोच में ताजगी आती है और काम में नई जान पड़ती है।”

संगीत श्वेता के अभिनय का अहम हिस्सा है। उन्होंने आगे कहा, “हर नए प्रोजेक्ट से पहले मैं एक प्लेलिस्ट बनाती हूं। इस प्लेलिस्ट में ऐसे गाने होते हैं जो मेरे किरदार की भावनाओं को दर्शाते हैं। इससे मुझे किरदार की चुप्पी, ठहराव, और अंदर की उलझनों को समझने में मदद मिलती है। कई बार स्क्रिप्ट पूरी तरह समझ में आने से पहले ही संगीत मुझे किरदार के करीब ले जाता है। हैंस जिमर का संगीत भी यही काम करता है, बिना कुछ कहे बहुत कुछ समझा देता है।”

उन्होंने उम्मीद जताई कि वह इस कॉन्सर्ट से वापस एक नई सोच और नई ऊर्जा के साथ आएंगी। संगीत कहानी कहने का मजबूत जरिया है और जब उसे लाइव सुना जाता है, तो उसका असर और भी गहरा होता है। यह अनुभव मेरे आने वाले काम में जरूर दिखाई देगा।

–आईएएनएस

पीके/एएस


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