Thursday, February 19, 2026

राफेल डील की आलोचना समझ से परे, इसमें भारतीय पुर्जे होंगे इस्तेमाल: मैक्रों (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)


नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। राफेल डील की आलोचना को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने समझ से परे बताते हुए दावा किया कि इससे लाभ निश्चित तौर पर भारत को ही होगा। इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट में शिरकत कर रहे मैक्रों ने आईएएनएस के सवालों का जवाब देते हुए इस डील के फायदे गिनाए।

मैक्रों ने भारत-फ्रांस संबंधों को बहुत मजबूत और अहम बताया। उन्होंने कहा, “हमारी साझेदारी केवल रणनीतिक नहीं है, बल्कि उससे एक कदम आगे बढ़कर मैं कहूंगी कि ये विशेष ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप है।”

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों गुरुवार को भारत मंडपम के मेन हॉल में हुए उद्घाटन समारोह का हिस्सा बने। उनके साथ संयुक्त राष्ट्र के महासचिव भी थे। इसके बाद उन्होंने इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का दौरा किया। आईएएनएस से खास बात करते हुए उन्होंने आपसी सहयोग को दोनों देशों के लिए जरूरी बताया।

उन्होंने कहा, “साफ है कि भारत के साथ सहयोग बेहतर हो रहा है, और हम सहयोग के एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं।”

मैक्रों ने आगे कहा कि “हम लगातार स्वदेशी कंपोनेंट्स बढ़ा रहे हैं। यह कंपनी और आपकी सरकार के बीच चल रही बातचीत का हिस्सा है।”

मैक्रों से जब राफेल को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि लोग इसकी आलोचना क्यों करते हैं? इससे आपके देश को मजबूती मिलेगी, हमारे स्ट्रेटजिक रिश्ते और गहरे होंगे, और भारत में रोजगार का सृजन होगा।”

भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग की सराहना करते हुए मैक्रों ने कहा, “हम इस बात के लिए बेहद प्रतिबद्ध हैं कि अधिकतम मेड इन इंडिया, यानी भारतीय पुर्जों का इस्तेमाल हो और अधिक से अधिक महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण भारत में ही किया जाए। यही तर्क टाटा-एयरबस डील के पीछे भी था, इसलिए हम राफेल के मामले में भी यही करेंगे। आप हम पर भरोसा कर सकते हैं।”

मैक्रों ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जून में फ्रांस आने का न्योता दिया है। मैक्रों ने आईएएनएस को बताया, “पीएम मोदी ब्रिक्स अध्यक्ष के तौर पर जी7 के विशिष्ट अतिथि होंगे।”

फ्रांस के प्रेसिडेंट ने कहा, “हमारी एक खास ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप है, जो भारत और फ्रांस दोनों के लिए अद्भुत है। हम राफेल डील को बढ़ाना चाहते हैं। भारत ने कुछ दिन पहले 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी है। हम इसे को-प्रोड्यूस करने के लिए तैयार हैं।”

उन्होंने बताया, “तो राफेल बिल्कुल जरूरी है। मुझे उम्मीद है कि हम पनडुब्बी पर भी ऐसा ही करेंगे।”

हाल ही में कर्नाटक के वेमगल में एच-125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने वर्चुअल उद्घाटन किया था। यह परियोजना टाटा और एयरबस की साझेदारी में शुरू हुई, जो ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के साथ हजारों रोजगार पैदा करेगी।

–आईएएनएस

के आर/


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