मिडिल ईस्ट तनाव के बीच एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही फ्लाइट वापस लौटी: इंडिगो


नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण अचानक लगाए गए हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों की वजह से इंडिगो की दिल्ली से मैनचेस्टर जाने वाली फ्लाइट को लगभग सात घंटे उड़ान भरने के बाद वापस दिल्ली लौटना पड़ा। एयरलाइन ने सोमवार को इसकी पुष्टि की।

इंडिगो के प्रवक्ता के अनुसार, फ्लाइट 6ई 033, जो दिल्ली से मैनचेस्टर के लिए रवाना हुई थी, उसे अंतिम समय में लगाए गए एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण वापस लौटना पड़ा।

प्रवक्ता ने कहा कि मध्य पूर्व और उसके आसपास की स्थिति लगातार बदल रही है। इसके कारण कुछ उड़ानों को लंबे रास्ते से जाना पड़ सकता है या उन्हें रास्ता बदलना पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के कारण इस फ्लाइट को वापस अपने शुरुआती स्थान यानी दिल्ली लौटना पड़ा।

एयरलाइन ने यह भी कहा कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर यह विकल्प तलाश रही है कि यात्रियों की यात्रा फिर से कैसे शुरू कराई जाए।

इंडिगो के अनुसार, यात्रियों, क्रू और विमान की सुरक्षा और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।

इस घटना की जानकारी सबसे पहले फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइटरडार24 ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी थी। ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान ने रास्ते में ही यू-टर्न लेकर भारत की ओर वापसी शुरू कर दी थी।

एक अन्य पोस्ट में फ्लाइट ट्रैकर ने बताया कि 8 मार्च तक यूएई की प्रमुख एयरलाइनों और कतर एयरवेज की उड़ानों के संचालन में भी बदलाव देखा गया। रविवार को एयर अरेबिया, एमिरेट्स और फ्लाईदुबई की उड़ान गतिविधियां बढ़ीं, जबकि एतिहाद एयरवेज और कतर एयरवेज ने पिछले दिन की तुलना में कम उड़ानें संचालित कीं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट 6ई 033 (नॉर्स द्वारा संचालित) ने इथियोपिया और इरिट्रिया की सीमा के पास यू-टर्न लिया और दिल्ली लौट आई।

यह 26 फरवरी के बाद इंडिगो की दिल्ली-मैनचेस्टर रूट पर पहली उड़ान थी।

इस बीच सोमवार को इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयरों पर भी दबाव देखा गया। कंपनी का शेयर बीएसई पर करीब 4 प्रतिशत गिरकर 4,236 रुपए पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 4,035.65 रुपए के निचले स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले हफ्ते के बंद स्तर से 8.37 प्रतिशत कम है।

विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की चिंता का एक बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी है, जो मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।

बताया जा रहा है कि मध्य पूर्व के प्रमुख तेल उत्पादकों द्वारा उत्पादन कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद रहने के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।

–आईएएनएस

डीबीपी/


Related Articles

Latest News