भोपाल, 21 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश साइबर पुलिस ने मानव तस्करी रैकेट में कथित संलिप्तता के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह रैकेट युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का लालच देकर फंसाता था।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये जालसाज सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क करते थे और उन्हें नौकरी के लिए साक्षात्कार का निमंत्रण देते थे।
पुलिस के अनुसार, एक आरोपी को बिहार से और दूसरे को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों एजेंट के रूप में काम करते थे और मध्य प्रदेश के युवाओं को लुभाने में सक्रिय रूप से शामिल थे। वे फर्जी साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद आकर्षक विदेशी रोजगार का झूठा वादा करते थे।
भोपाल के साइबर अपराध अधीक्षक प्रणय नागवंशी ने शनिवार को आईएएनएस को बताया कि युवाओं को विदेशों में आकर्षक नौकरियों का वादा करने वाले विज्ञापनों के माध्यम से ठगा गया। आरोपी इन युवाओं को थाईलैंड और फिर म्यांमार ले जाते थे। वे इन युवाओं को विदेशी मुद्रा के बदले साइबर स्कैमर्स को बेच देते थे। पीड़ितों को जबरन बंधक बनाकर धोखाधड़ी के कामों में शामिल किया जाता था।
अधिकारी ने बताया कि दो एजेंटों की गिरफ्तारी के साथ, राज्य साइबर पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो युवाओं को विदेशों में नौकरियों का लालच देकर फंसाता था और उन्हें साइबर धोखाधड़ी के लिए अलग-अलग जगहों पर ले जाता था।
उन्होंने आगे बताया कि ये गिरफ्तारियां भोपाल के एक युवक से जुड़े मामले की जांच के दौरान हुईं, जिसे डेटा एंट्री की नौकरी का लालच देकर लगभग तीन महीने पहले थाईलैंड भेजा गया था। थाईलैंड से पीड़ित को सीमा पार म्यांमार ले जाया गया, जहां उसे साइबर धोखाधड़ी में शामिल एक गिरोह को बेच दिया गया। वहां उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया गया और उसे धोखाधड़ी वाली गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। बाद में म्यांमार की सेना ने उसे छुड़ाया।
नागवंशी ने कहा कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार व्यक्तियों ने खुलासा किया कि म्यांमार, लाओस और कंबोडिया की सीमाओं पर बड़े पैमाने पर साइबर घोटाले के अड्डे चल रहे हैं, जहां भारत सहित विभिन्न देशों के युवाओं को बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके पास से मोबाइल फोन, टैबलेट और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं और आगे की जांच जारी है।
–आईएएनएस
एमएस/
