महाराष्ट्र विधान परिषद में अवैध अप्रवासियों को लेकर छिड़ी जुबानी जंग


मुंबई, 28 फरवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र विधान परिषद में शनिवार को गहमागहमी देखी गई। राज्य के मुंबई और अन्य क्षेत्रों में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई।

महाराष्ट्र विधान परिषद में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों के मुद्दे पर बहस और तीखी हो गई। शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अनिल परब ने दावा किया कि वे दो दिनों में 2,000 घुसपैठियों की पहचान कर सकते हैं”, जिसके जवाब में गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कड़ा जवाब दिया।

परब ने हाल ही में मुंबई मेयर ऋतु तावड़े द्वारा उजागर किए गए नकली जन्म प्रमाणपत्रों के मामले का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। अवैध प्रवासी मुंबई के हर झोपड़पट्टी में रह रहे हैं और यहां तक कि छोटे उद्योग भी चला रहे हैं। क्या पुलिस और नगर निगम को इस बात की जानकारी नहीं है?”

बीजेपी नेता किरीट सोमैया पर तंज कसते हुए परब ने कहा, “किरीट सोमैया के पास फिलहाल कोई काम नहीं है। उन्हें मेरे साथ भेज दो, मैं दो दिनों में 2,000 घुसपैठियों की पहचान कर दूंगा।” उन्होंने केवल दस्तावेज जांच को पर्याप्त नहीं मानते हुए, स्थानीय क्षेत्रों में छानबीन के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाने की मांग की।

इसके जवाब में मंत्री योगेश कदम ने कहा कि अगर परब के पास कोई ठोस जानकारी है, तो उन्हें इसे अधिकारियों के साथ साझा करना चाहिए। कदम ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 2021 में, एमवीए सरकार के कार्यकाल में 109 बांग्लादेशी नागरिकों को देश से निकाला गया था, जबकि 2025 में 2,376 घुसपैठियों को बाहर किया गया।

उन्होंने कहा कि हर पुलिस स्टेशन में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक अधिकारी और पांच कर्मियों वाली विशेष टीम बनाई गई है और एटीएस की मदद से तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं।

विशेष टास्क फोर्स की मांग पर कदम ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार इसके गठन पर विचार करेगी।

–आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी


Related Articles

Latest News