तेल अवीव, 1 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओरेन मर्मोरस्टीन ने रविवार को ईरानी शासन पर जानबूझकर बैलिस्टिक मिसाइलों से नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने इन हमलों को युद्ध अपराध बताया और कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए की जाती है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए, तेल अवीव के एक रिहायशी इलाके से इजरायल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मर्मोरस्टीन ने कहा कि यह स्थान उस चीज का साफ सबूत है। यह ईरान का बैलिस्टिक आतंक है।
उन्होंने कहा, “आप मेरे पीछे जो देख रहे हैं, वह ईरानी शासन के बैलिस्टिक आतंक का नतीजा है। जैसा कि आप देख सकते हैं, बैलिस्टिक मिसाइल को एक नागरिक इलाके पर दागा गया था। यहां बच्चे थे, बुजुर्ग लोग थे। वे नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।”
इजरायल की सैन्य कार्रवाई और ईरान के कथित कदमों की तुलना करते हुए मर्मोरस्टीन ने कहा, “यह पूरी तरह इसके उलट है, जो इजरायल कर रहा है। हम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हैं, लेकिन ईरानी शासन हमारे नागरिकों, हमारे बच्चों, हमारी महिलाओं, हमारे बुजुर्गों को निशाना बना रहा है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरानी शासन के मिसाइल हमले केवल इजरायल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र तक फैले हुए हैं।
उन्होंने दावा किया, “यह केवल यहां इजरायल में ही नहीं हो रहा है। ईरानी शासन पूरे क्षेत्र पर हमले कर रहा है। क्षेत्र के आठ देशों पर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया है, केवल इजरायल ही नहीं, बल्कि अरब देशों को भी ईरानी मिसाइलों से निशाना बनाया जा रहा है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल का संघर्ष ईरान की जनता से नहीं, बल्कि तेहरान के सत्तारूढ़ शासन से है।
उन्होंने हमले को युद्ध अपराध बताते हुए कहा कि हमारे और विदेशी नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। इस तरह नागरिकों को निशाना बनाना, बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाना, फिलीपींस की एक देखभाल करने वाली महिला की हत्या करना, ईरानी शासन केवल इजरायल में ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को निशाना बना रहा है। इसे रोका जाना चाहिए और हम यही करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “एक फिलीपीनी महिला की हत्या कर दी गई और दर्जनों लोग घायल हुए। यह अकेला मामला नहीं है। आप सभी को शरणस्थल में भेजा गया था। आपने इसे अपने वीडियो कैमरों में नहीं देखा, लेकिन आप जानते हैं कि आपको ईरानी शासन के हमले का निशाना बनाया गया था। इसलिए यह रुकना चाहिए।”
–आईएएनएस
एएमटी/एबीएम
