Wednesday, February 18, 2026

जुड़े हुए इकोसिस्टम से ही आएगी भारत की एआई में असली ताकत: दीपक बागला


नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के निदेशक दीपक बागला ने बुधवार को कहा कि भारत की एआई में असली ताकत अलग-अलग उपलब्धियों से नहीं, बल्कि जुड़े हुए इकोसिस्टम से आएगी।

उन्होंने कहा कि एआईएम स्टार्टअप्स और मेंटर्स, नवाचारकों और निवेशकों, नीति और व्यवहार के बीच मजबूत पुल बना रहा है। जब ये सभी जुड़ते हैं, तो एआई केवल एक तकनीक नहीं रह जाता, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन बन जाता है। इसी तरह भारत एआई का सिर्फ उपयोग ही नहीं करेगा, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के तहत दुनिया का नेतृत्व भी करेगा।

गौर करने वाली बात यह है कि एआई इम्पैक्ट समिट 2026′ में एआईएम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यहां दिखाया गया कि भारत की एआई यात्रा जमीनी स्तर और नीति स्तर दोनों पर एक साथ आगे बढ़ रही है। ‘एआई टिंकरप्रेन्योर शोकेस’ में देश भर की अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) से आई 50 छात्र टीमों ने अपने एआई आधारित नवाचार पेश किए।

इन नवाचारों का संबंध स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, सुगमता और सार्वजनिक सेवा जैसे क्षेत्रों से था।

एआई टिंकरप्रेन्योर, एआईएम की एक प्रमुख पहल है, जिसे इंटेल के सहयोग से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य स्कूल छात्रों में एआई की समझ, रचनात्मकता और उद्यमिता की सोच को मजबूत करना है।

नीति आयोग के बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम में देशभर से 12,000 से अधिक छात्र टीमों ने भाग लिया। कई चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद शीर्ष 50 टीमों को समिट में अपने नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

समिट का एक और खास आकर्षण ‘एआई बाय हर’ सेगमेंट रहा, जिसमें एटीएल से जुड़ी छात्राओं ने अपने एआई समाधानों और अपने सफर को साझा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने चुनौतियों को पार कर भारत के एआई इकोसिस्टम में आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान बनाई।

आधिकारिक बयान के अनुसार, अटल टिंकरिंग लैब्स की भागीदारी यह दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर हो रहे नवाचार और भारत की व्यापक एआई दृष्टि के बीच मजबूत तालमेल है, और देश भर के स्कूलों से युवा नवाचारक राष्ट्र के तकनीकी और उद्यमिता विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

–आईएएनएस

डीबीपी/


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