नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। लगातार मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) और डॉलर के मजबूत होने के कारण इस हफ्ते सोने की कीमतों में करीब 5.89 प्रतिशत तक गिरावट देखने को मिली।
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को एमसीएक्स गोल्ड अप्रैल वायदा 0.23 प्रतिशत बढ़ा और यह 1,44,825 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि एमसीएक्स सिल्वर मई वायदा 1.72 प्रतिशत यानी 3,990 रुपए गिरकर 2,27,470 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, 999 प्यूरिटी वाले सोने का भाव शुक्रवार को 1,47,218 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा, जो सोमवार के 1,56,436 रुपए के मुकाबले काफी कम है। वहीं 999 प्यूरिटी वाली चांदी का भाव 2,32,364 रुपए प्रति किलोग्राम रहा, जो सोमवार के 2,48,711 रुपए के मुकाबले 16,000 रुपए से ज्यादा कम है।
विश्लेषकों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और उससे संबंधित मिले-जुले संकेतों के कारण आने वाले हफ्ते में भी सोना-चांदी पर दबाव बना रह सकता है। पहले सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग के कारण इनकी कीमतों में तेजी देखने को मिली थी, लेकिन अब उतार-चढ़ाव से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले और इसके जवाब में ईरान की कार्रवाई से तेल और गैस की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा है।
दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान, बैंक ऑफ कनाडा और बैंक ऑफ इंग्लैंड ने सख्त रुख दिखाया है, जिससे ब्याज दरें बढ़ने या ऊंची बनी रहने की संभावना है। इससे सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव पड़ता है।
एमसीएक्स गोल्ड अब अपने निचले सपोर्ट लेवल के करीब पहुंच रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार 1,50,000 से 1,52,000 रुपए का स्तर रेजिस्टेंस है, जबकि 1,35,000 से 1,40,000 रुपए के बीच मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।
चांदी में भी इस हफ्ते तेज गिरावट आई है और यह 2,20,000 से 2,15,000 रुपए के डिमांड जोन के करीब पहुंच गई है। हालांकि, अगर खरीदारी बढ़ती है तो चांदी में फिर से 2,40,000 रुपए तक की रिकवरी देखने को मिल सकती है।
वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 13 मार्च को समाप्त सप्ताह के लिए भारत के स्वर्ण भंडार में 664 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 130.68 बिलियन डॉलर हो गया। हालांकि, 13 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 7.05 अरब डॉलर घटकर 709.76 अरब डॉलर हो गया।
यह गिरावट 6 मार्च को समाप्त हुए पिछले सप्ताह में हुई और भी तेज गिरावट के बाद आई है, जब भंडार 11.68 अरब डॉलर घटकर 728.49 बिलियन डॉलर से 716.81 अरब डॉलर हो गया था।
इस गिरावट का मुख्य कारण केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रा बाजार में किया गया हस्तक्षेप है, जहां उसने वैश्विक तेल की बढ़ती कीमतों और ईरान संघर्ष से जुड़े भू-राजनीतिक तनावों के कारण रुपए पर दबाव के बीच रुपए को सहारा देने के लिए डॉलर बेचे।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, जो भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं, रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान 7.678 अरब डॉलर घटकर 555.568 अरब डॉलर हो गईं।
ये परिसंपत्तियां अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो, पाउंड और येन जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के उतार-चढ़ाव के प्रभाव को भी दर्शाती हैं।
–आईएएनएस
डीबीपी
