बंगाल चुनाव: चुनाव आयोग ने सरकार से 28 फरवरी के बाद ट्रांसफर किए पुलिस अधिकारियों की रिपोर्ट मांगी


कोलकाता, 16 मार्च (आईएएनएस)। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल सरकार से उन पुलिस अधिकारियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिनके ट्रांसफर के आदेश अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख (28 फरवरी) के बाद जारी किए गए थे। इस रिपोर्ट में उन मामलों को शामिल नहीं किया गया है जिन्हें ‘तार्किक विसंगति’ श्रेणी के तहत वर्गीकृत किए जाने के बाद चल रहे न्यायिक निर्णय के लिए भेजा गया था।

अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी की तरफ से चुनावों के लिए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून) और राज्य पुलिस नोडल अधिकारी को लिखे पत्र में आयोग ने उन पुलिस अधिकारियों की रिपोर्ट भी मांगी है जिन्हें सेवानिवृत्ति के बाद नियुक्त किया गया है।

राज्य सरकार को भेजे गए एक अन्य पत्र में, चुनाव आयोग ने उन पुलिस अधिकारियों का विवरण भी मांगा है जिनके अधिकार क्षेत्र में 2021 के विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों में चुनाव संबंधी हिंसा की घटनाएं घटी थीं।

चुनाव आयोग ने दूसरे पत्र में लिखा है कि उपरोक्त ज्ञापन और उसके उत्तर के क्रम में, मुझे आपसे अनुरोध करने का निर्देश दिया गया है कि आप उन पुलिस स्टेशन-स्तर के अधिकारियों की एक और सूची दें, जिनके अधिकार क्षेत्र में 2021 के विधानसभा चुनावों में मतदान से पहले और मतदान के दिन हिंसा की घटनाएं घटी थीं। साथ ही 2024 के लोकसभा चुनावों में मतदान से पहले, मतदान दिन और मतदान के बाद हिंसा की घटनाएं घटी थीं।

पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले दो चरणों के मतदान की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने 2021 और 2024 में चुनाव संबंधी हिंसा में संलिप्तता या निष्क्रियता के लिए दोषी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करेगा।

23 अप्रैल को पहले चरण के चुनाव में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि 29 अप्रैल को दूसरे चरण के चुनाव में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में पिछले विधानसभा चुनाव सात से आठ चरणों में हुए थे।

–आईएएनएस

एसडी/वीसी


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