नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) पर दक्षिण दिल्ली के एक निजी स्कूल के प्रति दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जिस पर कुछ छात्रों के बोर्ड परीक्षा के एडमिट कार्ड रोके जाने का आरोप है।
सचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज कथित तौर पर फीस बढ़ोतरी के कारण कुछ छात्रों के बोर्ड परीक्षा के एडमिट कार्ड रोके जाने के विरोध में साकेत स्थित एपीजे स्कूल गए थे, जबकि तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आतिशी की सरकारों ने ही स्कूल को शैक्षणिक वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में फीस बढ़ाने की खुली अनुमति दी थी।
सचदेवा ने कहा कि आप के नेता इतनी जल्दी अपना राजनीतिक रुख बदलते हैं कि शायद गिरगिट भी इतनी जल्दी रंग नहीं बदल सकता।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी के गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले नेता भारद्वाज से यह जानना चाहती है कि क्या यह सच नहीं है कि केजरीवाल-आतिशी सरकारों ने खुद ही एपीजे स्कूल को 2023 में 5 प्रतिशत, फिर 2023-24 में 10 प्रतिशत और 2024-25 में 10 प्रतिशत फीस बढ़ाने की अनुमति दी थी, यानी सिर्फ ढाई साल में कुल 25 प्रतिशत की वृद्धि।
भाजपा नेता ने कहा कि भारद्वाज, जो आज दावा कर रहे हैं कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2020-21 में एपीजे स्कूल के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की थी, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या यह सच नहीं है कि उनकी सरकार ने स्कूल को सिर्फ नोटिस जारी किया था।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकारों ने स्कूल के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की, बल्कि इसके बजाय उन्होंने 2023 से 2025 के बीच 25 प्रतिशत फीस वृद्धि की अनुमति दी।
सचदेवा ने कहा कि भारद्वाज और अन्य आम आदमी पार्टी के नेता चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, वे आम आदमी पार्टी सरकार के तहत शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार के बड़े-बड़े दावे करके दिल्ली की जनता को गुमराह नहीं कर सकते।
सचदेवा ने कहा कि चाहे पांच साल में सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतें हों, एपीजे स्कूल समेत कई निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने की अनुमति देना हो, या मोहल्ला क्लीनिकों में पैथोलॉजी लैब टेस्ट घोटाला हो, इन सभी ने आम आदमी पार्टी सरकार के शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल की पोल खोल दी है।
–आईएएनएस
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