कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ केरल चुनाव में 100 से अधिक सीटें जीतेगा: वीडी सतीशन


तिरुवनंतपुरम, 15 मार्च (आईएएनएस)। केरल विधानसभा चुनावों से पहले विश्वास व्यक्त करते हुए, विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन ने रविवार को कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) निर्णायक जीत के लिए तैयार है और 140 सदस्यीय राज्य विधानसभा में 100 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद करता है।

सतीशन ने कहा कि विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन अपने हालिया चुनावी प्रदर्शन से उत्साहित है। उन्होंने हाल ही में हुए विभिन्न उपचुनावों के परिणामों के साथ-साथ 2024 के भारतीय आम चुनाव के परिणाम का हवाला दिया, जहां यूडीएफ ने राज्य में मजबूत जनादेश हासिल किया था।

विपक्ष के नेता ने आगे कहा कि यूडीएफ टीम को जीत का पूरा भरोसा है। हाल ही में हुए उपचुनावों में हमने भारी बहुमत से जीत हासिल की और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी हमने शानदार प्रदर्शन किया। ये परिणाम जनता के मूड को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए, सतीशन ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा प्रशासन प्रचार अभियानों पर भारी खर्च करने के बावजूद लोगों की चिंताओं को दूर करने में विफल रहा है।

उन्होंने कहा कि लोग विजयन सरकार के उस तरीके से तंग आ चुके हैं, जिसमें वह जमीनी स्तर पर कुछ खास काम किए बिना प्रचार के लिए जनता के पैसे को उड़ा रही है।

सतीशन ने यह भी दावा किया कि जब भी राज्य सरकार लड़खड़ाती है, तो विपक्ष ही जनता को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उजागर करने और कठिनाइयों का सामना कर रहे लोगों को समर्थन देने के लिए आगे आता है।

उन्होंने कहा कि जब भी राज्य सरकार ने कोई गलती की, विपक्ष ही जनता के साथ खड़ा रहा और उनकी चिंताओं को उठाया। इससे यूडीएफ को पूरे राज्य में मतदाताओं के साथ मजबूत संबंध बनाने में मदद मिली है।

आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन पर, सतीशन ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन का नेतृत्व वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ परामर्श के बाद जल्द ही सूची को अंतिम रूप देगा। सोमवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण चर्चाएं होने वाली हैं।

विपक्ष के नेता ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उम्मीदवारों का चयन आंतरिक गुटबाजी के बजाय पूरी तरह से चुनावी संभावनाओं के आधार पर किया जाएगा। सीटों का आवंटन गुटों के आधार पर नहीं होता है। उम्मीदवार की जीतने की क्षमता ही एकमात्र मानदंड है।

–आईएएनएस

एमएस/


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