गुवाहाटी, 18 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय चुनाव आयोग ने बुधवार को संकेत दिया कि असम विधानसभा चुनाव एक ही चरण में कराए जा सकते हैं। यह फैसला मतदाताओं की सुविधा और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया जा सकता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की एक टीम चुनाव तैयारियों की समीक्षा करने के लिए असम दौरे पर है। राज्य के अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकों के बाद टीम ने मीडिया को जानकारी दी।
आयोग ने यह भी संकेत दिया कि चुनाव असम के प्रमुख सांस्कृतिक त्योहार रोंगाली बिहू से पहले कराए जा सकते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मतदान कर सकें और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों।
पत्रकारों से बातचीत में ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग मतदाता हितैषी तरीके से चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अंतिम कार्यक्रम तय करने से पहले सभी व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों की सावधानी से जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, “आयोग मतदाताओं की सुविधा, मौसम की स्थिति और प्रशासन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए फैसला करेगा।”
तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए चुनाव आयोग ने घोषणा की कि असम में पहली बार सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की जाएगी। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करना है। आयोग ने कहा कि मतदान प्रतिशत की जानकारी समय-समय पर जारी की जाएगी।
ज्ञानेश कुमार ने बताया, “मतदान के दिन हर दो घंटे में वास्तविक मतदान प्रतिशत साझा किया जाएगा। इससे अफवाहों पर रोक लगेगी और लोगों को सही जानकारी मिलेगी।”
चुनाव आयोग की टीम सुरक्षा व्यवस्था, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती और जिला स्तर पर चुनावी तैयारियों की भी समीक्षा कर रही है। यह दौरा चुनावों से पहले जमीनी तैयारियों का आकलन करने और विभिन्न पक्षों द्वारा उठाई गई चिंताओं को समझने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
चुनाव आयोग ने दोहराया कि वह असम में शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सभी को शामिल करने वाले चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हर योग्य मतदाता बिना किसी डर या असुविधा के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल कर सके।
–आईएएनएस
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