नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। अमेजन के सीईओ एंडी जेसी के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म होने का डर बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है।
एक मीडिया इंटरव्यू में जेसी ने कहा कि एआई पूरी तरह से रोजगार खत्म करने के बजाय काम करने के तरीके को बदलेगा।
उन्होंने माना कि पिछले 20 से 30 वर्षों में जिन कामों में ज्यादा मानव श्रम की जरूरत रही है, उनमें भविष्य में कम लोगों की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नौकरियां पूरी तरह खत्म हो जाएंगी।
जेसी ने कहा कि जैसे हर बड़ी तकनीकी क्रांति के दौरान हुआ है, वैसे ही एआई के दौर में भी नए प्रकार की नौकरियां पैदा होंगी।
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि पिछले 20-30 सालों में जिन कामों के लिए हमने बड़ी संख्या में लोगों को लगाया, भविष्य में उतने लोगों की जरूरत नहीं होगी। लेकिन मुझे यह भी लगता है कि नई नौकरियां पैदा होंगी। हर तकनीकी बदलाव में ऐसा ही हुआ है।”
इस बीच, कई अन्य रिपोर्ट्स में भी कहा गया है कि एआई नौकरियों को खत्म नहीं करेगा, बल्कि उन्हें नए रूप में ढालेगा।
ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एआई का दीर्घकालिक प्रभाव उतना गंभीर नहीं हो सकता जितना लोग मान रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ भूमिकाएं ऑटोमेट हो सकती हैं, लेकिन ज्यादातर कर्मचारी स्थायी रूप से बेरोजगार नहीं होंगे। वे नई तरह की नौकरियों में शिफ्ट होंगे, जिनमें से कुछ भूमिकाएं अभी अस्तित्व में भी नहीं हैं।
अपने तर्क के समर्थन में मॉर्गन स्टेनली ने पिछले 150 वर्षों के बड़े तकनीकी बदलावों का उदाहरण दिया, जिनमें बिजली, मशीनीकृत खेती, कंप्यूटर और इंटरनेट शामिल हैं।
इन तकनीकों ने उद्योगों को बदला और काम करने के तरीके में बदलाव लाया, लेकिन मानव श्रम को पूरी तरह खत्म नहीं किया।
रिपोर्ट में 1980 के दशक में स्प्रेडशीट के इस्तेमाल का उदाहरण भी दिया गया।
स्प्रेडशीट आने से कुछ क्लेरिकल काम कम हो गए, लेकिन इससे वित्तीय पेशेवरों को अधिक जटिल और मूल्यवान काम करने का मौका मिला। समय के साथ इस बदलाव ने फाइनेंस सेक्टर को खत्म करने के बजाय नई करियर संभावनाएं पैदा कीं।
–आईएएनएस
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