जयपुर, 23 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सोमवार को भरोसा दिलाया कि पूरे राज्य में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है, और नागरिकों से न घबराने की अपील की।
उन्होंने अधिकारियों को जमाखोरी, कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनाधिकृत रिफिलिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार किसी भी प्रकार की आर्टिफिशियल कमी को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए आश्वासनों का हवाला देते हुए उन्होंने दोहराया कि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एलपीजी संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए हेल्पलाइन नंबर 181, 112 और 14435 24 घंटे चालू हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को शिकायतों के समयबद्ध समाधान और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आपूर्ति और वितरण सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और रसद विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि एलपीजी सिलेंडरों की रिफिलिंग बिना किसी देरी के, विशेषकर निर्धारित प्रतीक्षा अवधि के बाद, सुनिश्चित की जाए। शादियों जैसे बड़े समारोहों के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सीएम ने एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कंपनियों को घरों के लिए पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शनों के वितरण में तेजी लाने और अस्पतालों, होटलों और रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को प्राकृतिक गैस पर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के लिए पाइपलाइन बिछाने से संबंधित सभी लंबित स्वीकृतियों को 24 घंटे के भीतर जारी करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने व्यावसायिक एलपीजी के लिए अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन को मंजूरी दे दी है और अधिकारियों को इसके अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
सीएम ने आगे कहा कि होटलों, रेस्तरां, ढाबों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, औद्योगिक कैंटीनों और श्रमिकों के लिए 5 किलो के सिलेंडरों में अतिरिक्त 20 प्रतिशत एलपीजी आवंटन निर्धारित किया गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि इस आपूर्ति का दुरुपयोग न हो।
केंद्र और राज्य सरकारें यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समन्वय में काम कर रही हैं। पिछले एक दशक में, केंद्र ने छह नए यूरिया संयंत्र चालू किए हैं, जिससे वार्षिक उत्पादन क्षमता में 76 लाख मीट्रिक टन से अधिक की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कड़े रुख को दोहराते हुए अधिकारियों को जमाखोरों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया, साथ ही गलत सूचना को रोकने के लिए निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा।
इस बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
–आईएएनएस
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