ब्लैंटायर, 29 जनवरी (आईएएनएस)। मलावी में हैजा (कॉलरा) के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों ने गंभीर चिंता जताई है। अक्टूबर 2025 से अब तक देश में हैजा से कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य और स्वच्छता मंत्री मदालिट्सो बालोयी ने बुधवार को ब्लैंटायर शहर के प्रशासन के साथ आयोजित एक जागरूकता बैठक के दौरान चिंता व्यक्त की। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, वाणिज्यिक शहर ब्लैंटायर में हैजा के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
मंत्री के मुताबिक, अकेले ब्लैंटायर में ही हैजा से दो लोगों की मौत हो चुकी है और 30 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि हाल ही में ब्लैंटायर में पोलियो वायरस टाइप-2 का एक मामला सामने आया है। इसके नमूने जांच के लिए दक्षिण अफ्रीका भेजे गए थे, जहां रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई।
ब्लैंटायर के स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाएं निदेशक गिफ्ट कवालाजिरा ने इन प्रकोपों के लिए खराब स्वच्छता व्यवस्था सहित कई कारणों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि पोलियो वायरस एक 7 वर्षीय बच्चे में पाया गया, जिसे उसके माता-पिता की मान्यताओं के कारण जन्म से ही कोई टीकाकरण नहीं कराया गया था।
मलावी सरकार विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) और अन्य संगठनों के साथ मिलकर टीकाकरण अभियान और स्वच्छता को लेकर जन-जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए इन बीमारियों पर काबू पाने की कोशिश कर रही है।
पिछले वर्ष दिसंबर में मलावी सरकार ने देश की हैजा नियंत्रण योजना को लागू करने के लिए 30 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता की अपील की थी। राजधानी लिलोंग्वे में आयोजित एक प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य मंत्री बालोयी ने बताया कि लिलोंग्वे सहित पांच जिलों में हैजा के 11 मामलों की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, हैजा की तैयारी और नियंत्रण योजना के लिए कुल बजट 33.7 लाख अमेरिकी डॉलर तय किया गया है, लेकिन अब तक सरकार केवल करीब 3.57 लाख अमेरिकी डॉलर ही जुटा पाई है। इस तरह 30 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की धनराशि की कमी बनी हुई है।
इस बीच, मलावी सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और नियंत्रण को तेज करते हुए मोजाम्बिक के म्वांजा और मोआतिजे जिलों के साथ सीमा पार सहयोग और संदिग्ध मामलों की संयुक्त जांच शुरू की है।
इसके अलावा, देश के राष्ट्रीय जनस्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र को सक्रिय कर दिया गया है और प्रतिक्रिया के समन्वय के लिए एक राष्ट्रीय घटना प्रबंधन टीम का गठन किया गया है।
–आईएएनएस
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