मुंबई, 18 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में ‘गुलजार-ए-रजा’ फंडिंग मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ‘दावते इस्लामी’ नाम की एक अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा इस संगठन से जुड़े एक खाते में करीब 25 लाख रुपए जमा किए गए थे। उन्होंने बताया कि एटीएस इस मामले की जांच कर रही है।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस मामले की जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर अब तक चार खातों को फ्रीज कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी पता चला है कि कुछ राशि अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाली गई थी, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान 18,573 दानदाताओं ने चार जिलों में रखे गए करीब 400 ड्रॉप बॉक्स के माध्यम से यह फंड जमा किया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सभी दानदाताओं की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है। जिन लोगों ने चेक या अन्य माध्यमों से धनराशि दी है, उनकी पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया फिलहाल जारी है, ताकि फंडिंग के स्रोतों की पूरी तरह से पुष्टि की जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले में एक नया एंगल सामने आने के बाद एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने भी समानांतर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई है कि ‘गुलजार-ए-रजा’ के माध्यम से जमा किए गए करीब चार करोड़ रुपए का इस्तेमाल विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया गया हो सकता है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।
फडणवीस ने आगे कहा कि विदेशों की कुछ विवादित संस्थाओं से फंडिंग मिलने की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित सभी खातों को सील कर दिया गया है। अब तक हुए सभी वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि धन का उपयोग किन-किन गतिविधियों में किया गया। एटीएस भी इस मामले के अन्य पहलुओं को लेकर अलग से जांच कर रही है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।
–आईएएनएस
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