नई दिल्ली, 22 अप्रैल (केसरिया न्यूज़)। युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने और पढ़ाई व इंडस्ट्री के बीच की दूरी कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बुधवार को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम (पीएमआईएस) के पायलट फेज में बड़ा बदलाव किया है।
कारपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) ने उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर अब इस योजना को अंतिम वर्ष (फाइनल ईयर) के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए भी खोल दिया है।
इस फैसले से छात्रों को पढ़ाई पूरी करने से पहले ही देश की बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें इंडस्ट्री का अनुभव मिल सकेगा। यह पहल छात्रों की पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल अनुभव जोड़ने पर जोर देती है और भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो अनुभव आधारित शिक्षा और इंडस्ट्री से जुड़ाव को बढ़ावा देती है।
नए नियमों के तहत, फाइनल ईयर के छात्र पीएमआईएस पोर्टल के जरिए इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें योजना की अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
आवेदन करते समय छात्रों को अपने संस्थान से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी)’ भी जमा करना होगा। इस प्रमाण पत्र में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इंटर्नशिप करने से उनकी पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह एनओसी विभागाध्यक्ष, डीन, प्रिंसिपल या ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर जैसे अधिकृत अधिकारियों द्वारा जारी किया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि पढ़ाई के दौरान ही इंटर्नशिप करने से छात्रों की नौकरी पाने की तैयारी और बेहतर होगी। इससे वे कम्युनिकेशन, टीमवर्क, समस्या समाधान और बदलते माहौल के अनुसार खुद को ढालने जैसी जरूरी स्किल्स सीख सकेंगे।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को पूरे देश में संरचित और पेड इंटर्नशिप के अवसर देना है।
इस योजना के तहत चुने गए इंटर्न को हर महीने कम से कम 9,000 रुपए की आर्थिक सहायता मिलती है और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों की बड़ी कंपनियों के साथ काम करने का मौका मिलता है।
इस योजना में इंडस्ट्री की भागीदारी भी अच्छी रही है। 300 से ज्यादा कंपनियां पायलट फेज में शामिल हो चुकी हैं और अलग-अलग तरह की इंटर्नशिप ऑफर कर रही हैं।
फिलहाल पायलट फेज का तीसरा चरण चल रहा है, जिसमें कंपनियां लगातार नए इंटर्नशिप अवसर पोर्टल पर जोड़ रही हैं।
–केसरिया न्यूज़
