2005 में सरकार में आने के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लक्ष्य रखा था कि सड़कों एवं पुलों का निर्माण इस स्तर पर हो कि राज्य के किसी भी हिस्से से लोग अधिकतम छह घंटे में राजधानी पहुंच जाएं। यह लक्ष्य पूरा हुआ। अब छह के बदले पांच घंटे में पटना पहुंचने की योजना पर काम चल रहा है।
