गिग वर्कर्स के संगठन ने सरकार से गर्मी से बचाव के उपायों को लागू करने का किया आग्रह

नई दिल्ली, (केसरिया न्यूज़)। भारत के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी के बीच, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का प्रतिनिधित्व करने वाले एक राष्ट्रीय संगठन ने सरकार से हीट वेव (लू) से बचाव के लिए उपायों को लागू करने का आग्रह किया है।

ऐप-आधारित ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के भारतीय संघ ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को पत्र लिखकर सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत बाध्यकारी सुरक्षा उपायों को लागू करने की मांग की है।

यह कानून देश भर में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को नियंत्रित करता है।

अपने पत्र में संघ ने श्रमिकों को भीषण गर्मी के प्रभाव से बचाने के उद्देश्य से कई उपायों का प्रस्ताव रखा है।

इनमें भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ऑरेंज और रेड अलर्ट के दौरान सशुल्क शीतलन अवकाश शामिल हैं, साथ ही अत्यधिक गर्मी के कारण काम बंद करने पर श्रमिकों पर जुर्माना, आईडी ब्लॉक या प्रोत्साहन राशि में कटौती से सुरक्षा उपाय भी शामिल हैं। संघ ने उच्च तापमान में काम करने वाले श्रमिकों के लिए पीने के पानी, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट और कूलिंग शेल्टर्स की अनिवार्य उपलब्धता की भी मांग की है।

इसके अतिरिक्त, इसने एग्रीगेटरों के बीच जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐप में आपातकालीन संकट प्रणाली और सार्वजनिक अनुपालन डैशबोर्ड शुरू करने की सिफारिश की है। इस मुद्दे की गंभीरता पर जोर देते हुए आईएफएटी ने कहा कि डिलीवरी कर्मी, राइड-हेलिंग ड्राइवर और होम-सर्विस कर्मचारी भीषण गर्मी की लहरों में भी पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।

अपनी बात को मजबूत करने के लिए फेडरेशन ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, फ्रांस, जापान, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य जैसे देशों ने पहले ही प्लेटफॉर्म कर्मचारियों के लिए इसी तरह के सुरक्षा उपाय लागू कर दिए हैं।

–केसरिया न्यूज़

Related Articles

Latest News