गौतमबुद्धनगर में बोगस फर्मों पर एक्शन, 9 गिरफ्तार, करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा


गौतमबुद्धनगर, 19 मार्च (आईएएनएस)। जनपद गौतमबुद्धनगर में राज्य कर विभाग ने बोगस (फर्जी) फर्मों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए टैक्स चोरी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है।

उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर, नोएडा के अनुसार, विभाग द्वारा चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी कंपनियों का पर्दाफाश हुआ है, जो केवल कागजों पर संचालित होकर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रही थीं।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य कर विभाग, गौतमबुद्धनगर जोन नोएडा द्वारा पंजीकृत फर्मों की गहन जांच और भौतिक सत्यापन (रेकी) के दौरान राज्य क्षेत्राधिकार के अंतर्गत पंजीकृत 20 फर्म और केंद्रीय क्षेत्राधिकार के तहत पंजीकृत 60 फर्म पूरी तरह से बोगस या अस्तित्वहीन पाई गईं। जांच में सामने आया कि इन फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी से जीएसटी पंजीकरण प्राप्त किया था, जिसका उद्देश्य कर चोरी करना था।

विभाग ने तत्काल प्रभाव से इन सभी फर्मों के पंजीकरण निरस्त कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन फर्जी फर्मों ने करीब 1027 अन्य फर्मों को लगभग 637 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास की। इसमें से 455 फर्म उत्तर प्रदेश में और 574 अन्य राज्यों में पंजीकृत हैं।

इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने अब तक 78.27 करोड़ रुपए की आईटीसी ब्लॉक कर दी है। इसके अलावा, विभाग ने इन फर्मों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 1788.99 करोड़ रुपए की कर मांग सृजित की है। बोगस फर्मों की चेन एनालिसिस के माध्यम से वास्तविक लाभार्थियों की पहचान कर उनके संबंधित कर निर्धारण अधिकारियों को सूचित किया गया है। इस प्रक्रिया में अब तक 162.89 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मांग भी उत्पन्न की गई है।

उपायुक्त ने बताया कि शासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत इस प्रकार के करापवंचन मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। फर्जी फर्मों के पीछे सक्रिय मास्टरमाइंड्स की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। सभी मामलों में संबंधित पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस कार्रवाई के क्रम में अब तक 9 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी जांच जारी रहेगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को चिन्हित कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

–आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी


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