आरोपितों के पास अमेरिकी नागरिकों का डाटा डार्क वेब और ई-मेल के जरिये आता था। मिले हुए डाटा के जरिये पहले आरोपित विदेशी नागरिकों के पास भारी मात्रा में उनके कंप्यूटर और फोन में तकनीकी समस्या होने का मैसेज भेजते थे। जब कोई व्यक्ति इनके भेजे गए मैसेज पर प्रतिक्रिया करता था। आरोपित उनसे संपर्क कर मदद का झांसा देकर उनके साथ लाखों रुपये की ठगी कर लेते थे।
