Saturday, February 14, 2026

मध्यप्रदेश: लाडली लक्ष्मी फंड घोटाले में पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी गिरफ्तार


धार, 7 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के धार के मुख्य पोस्ट ऑफिस में बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। घोटाले के सामने आने के बाद पोस्ट ऑफिस में बचत करने वालों का भरोसा बुरी तरह डगमगा गया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमास्टर कुणाल मकवाना ने डिप्टी पोस्टमास्टर निर्मल सिंह पवार और पोस्टल असिस्टेंट मेपल सिंह गुंडिया के साथ मिलकर कथित तौर पर कस्टमर डिपॉजिट से करीब 35 लाख रुपये हड़पे हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए फंड में लाडली लक्ष्मी योजना के करीब 6 लाख 19 हजार रुपये और पोस्ट ऑफिस कस्टमर के फिक्स्ड डिपॉजिट के करीब 23 लाख रुपये शामिल हैं। यह योजना लड़कियों की मदद के लिए बनाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, 2025 में तीनों ने कथित तौर पर लाडली लक्ष्मी योजना के तहत 6,19,242 रुपये के 38 नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट का गलत इस्तेमाल किया और एएसआई गोकुल नरगेश के फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए रखे गए 6,60,000 रुपये के चेक को दूसरी जगह इस्तेमाल किया।

उन्होंने कथित तौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए रखे गए लगभग 23 लाख रुपये के तीन और चेक का भी गलत इस्तेमाल किया। 56 दूसरे लोगों के नाम पर धोखाधड़ी से अकाउंट खोले गए, और इन लोगों द्वारा जमा किया गया कैश आरोपियों ने अपनी जेब में डाल लिया।

पोस्टल डिपार्टमेंट की विभागीय जांच में उनके दोषी होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद तीनों को निलंबित कर दिया गया। नौगांव पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं।

मुख्य आरोपी कुणाल मकवाना पहले राष्ट्रीय स्तर का बैडमिंटन खिलाड़ी था और एकलव्य पुरस्कार जीत चुका है। उसने 1996, 1998, और 1999 में ऑल इंडिया बैडमिंटन चैंपियनशिप समेत राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। कुणाल मकवाना को खेल कोटे से ही सरकारी नौकरी मिली थी।

शिकायत के बाद, पुलिस ने कुणाल मकवाना को नर्मदापुरम (पहले होशंगाबाद) से गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। बाकी दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए रेड जारी है।

शुरुआती जांच से पता चलता है कि गबन लगभग 35 लाख रुपये का है, हालांकि अधिकारियों को शक है कि वास्तविक आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है। धोखाधड़ी की पूरी जांच के लिए पोस्ट ऑफिस के रिकॉर्ड, लेन-देन के दस्तावेज और प्रभावित अकाउंट धारकों की शिकायतों की विस्तृत जांच जारी है।

–आईएएनएस

पीएके


Related Articles

Latest News