नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका में एक यहूदी शख्स के अपहरण और हत्या का मामला सामने आया। इजरायली मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, अब इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में यहूदी विरोधी (एंटीसेमिटिज्म) सोच को खारिज किया है।
दक्षिण अफ्रीकी पुलिस का कहना है कि यहूदी दक्षिण अफ्रीकी इंटेलेक्चुअल स्टीवन ग्रुज्ड के अपहरण और हत्या के सिलसिले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इस बात का कोई इशारा नहीं है कि अपहरण एंटीसेमिटिज्म से प्रेरित था। मामले में गिरफ्तार किए गए पांचों संदिग्धों पर हत्या, अपहरण और लूट के आरोप हैं। उन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इजरायली मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, ग्रुज्ड एक जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक थे। शुक्रवार को फिरौती की मांग के बाद उनके अपहरण का पता चला, जिसके बाद ग्रुज्ड का शव मिला। अपहरण से पहले वह पिछली शाम को जोहान्सबर्ग में एक मीटिंग में शामिल हुए थे। मीटिंग के बाद ही उनका अपहरण किया गया।
इजरायली मीडिया ने बताया कि यह अपहरण ‘एक्सप्रेस किडनैपिंग’ नाम के पैटर्न को फॉलो करती है, जिसमें तुरंत पेमेंट के लिए एक छोटी फिरौती मांगी जाती है।
ग्रुज्ड साउथ अफ्रीकन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स (एसएआईआईए) में अफ्रीकी गवर्नेंस एंड डिप्लोमेसी प्रोग्राम के लंबे समय तक प्रमुख रहे। इसके साथ ही वह अफ्रीकन पीयर रिव्यू मैकेनिज्म के एक इंटरनेशनल लेवल पर जाने-माने विशेषज्ञ भी थे।
उनके साथ काम करने वालों और साथियों ने उन्हें एक शानदार स्कॉलर और पूरे कॉन्टिनेंट में डेमोक्रेटिक ट्रांसपेरेंसी के लिए बिना थके सपोर्ट करने वाला बताया। दुनिया के कई देशों में बीते कुछ समय में यहूदियों के खिलाफ नफरत या भेदभाव वाले मामले सामने आए हैं।
ताजा मामला ब्रिटेन से आया, जहां यहूदी विरोधी भावना की वजह से लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में एक यहूदी कम्युनिटी इमरजेंसी सेवा की चार एम्बुलेंस में आग लगा दी गई। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस घटना पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। स्थानीय मीडिया की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, पुलिस इस घटना को यहूदी विरोधी नफरत से जुड़ा अपराध मान रही है।
पीएम स्टार्मर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह बहुत ही चौंकाने वाला हमला है। मेरी संवेदनाएं यहूदी समुदाय के साथ हैं, जो सोमवार सुबह इस भयानक खबर के साथ जाग रहे हैं। हमारे समाज में एंटीसेमिटिज्म की कोई जगह नहीं है। किसी के पास कोई जानकारी हो, उन्हें पुलिस के पास आना चाहिए।”
–आईएएनएस
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