मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। ‘फेमिना मिस इंडिया 2026’ में साध्वी ने जीत हासिल की। प्रथम रनर-अप राजनंदिनी पवार और द्वितीय रनर-अप श्री अद्वैता चुनी गईं। जीत के बाद आईएएनएस के साथ खास बातचीत में तीनों ने बताया कि कैसे शिक्षा, अनुशासन और विविध अनुभवों ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।
साध्वी ने बताया, “मेरा जन्म गोवा में हुआ था, जिसके बाद मेरा परिवार करवार चला गया। मेरी स्कूली और उच्च शिक्षा का एक बड़ा हिस्सा कनाडा में बीता, जहां मैंने इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशंस की पढ़ाई की।”
साध्वी का मानना है कि उनकी अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा ने काफी मदद की। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान ही एक मॉडलिंग एजेंसी ने उन्हें कास्ट किया, जहां से उनका झुकाव फेमिना प्रतियोगिता की ओर बढ़ा। मेरे दोस्तों के प्रोत्साहन और खुद के दृढ़ निश्चय के साथ मैंने इस सफर की शुरुआत की। इस प्रतियोगिता के लिए मैंने 10 किलो वजन घटाया और खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रशिक्षित भी किया।
राजनंदिनी पवार ने बताया कि यहां तक पहुंचना उनके बचपन का सपना था। मेरे लिए यह महज एक अंत नहीं है बल्कि, नई शुरुआत है। मैंने बचपन से ही कैमरे और मंच के प्रति अपने लगाव को पहचाना है। मात्र 3 साल की उम्र में मैंने पहला स्टेज परफॉर्मेंस दिया था। ‘टाइम्स फ्रेश फेस’ से लेकर ‘मिस महाराष्ट्र’ तक के मंचों ने मुझे तराशा। मेरे लिए कला और नृत्य खुद को अभिव्यक्त करने के माध्यम रहे हैं। बचपन से ही मेरा एक सपना था कि मैं फेमिना मिस इंडिया के मंच पर जाऊं। यह मंच मुझे भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर देता है, जिसके लिए मैं सदैव आभारी रहूंगी।
श्री अद्वैता ने अपने सफर को याद करते हुए कहा, “मैं एक तमिल-तेलुगु परिवार से आती हूं, लेकिन मेरी परवरिश जम्मू में हुई है। मेरे पिताजी फौज में कर्नल थे, जिस वजह से मेरा परिवार पूरे इंडिया में घूमने के बाद चेन्नई शिफ्ट हो गया। सभी से बस मैं यही कहना चाहूंगी कि इतनी यात्राएं करने के बाद जीवन ने मुझे एक बहुत अहम बात सिखाई है, जिन चीजों में हमें पूरी निश्चितता नहीं होती, उनसे डरना नहीं चाहिए। हमें अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलना चाहिए, तभी हम आगे बढ़ते और खुद को बेहतर बना पाते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मिस इंडिया बनने का सपना हर लड़की की तरह मेरा भी बचपन से रहा है। बड़े होकर मैंने मेडिकल की पढ़ाई की, अपना क्लिनिक खोला और साथ ही डांस परफॉर्मेंस भी देती रही, लेकिन यह सपना कभी खत्म नहीं हुआ, बल्कि समय के साथ और मजबूत होता गया। आज मैं यहां बैठी हूं, फेमिना मिस इंडिया 2026 की विजेताओं में से एक के रूप में। आज के दौर में यह जरूरी नहीं है कि आप सिर्फ एक ही क्षेत्र में काम करें और उसी में आगे बढ़ें। मेरा मानना है कि जितना आप खुद को अलग-अलग क्षेत्रों में चुनौती देते हैं, उतना ही आप निखरते हैं।”
–आईएएनएस
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