केसरिया न्यूज़, गोरखपुर|महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में टाटा समूह के सहयोग से स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह में आयोजित विशेष सत्र में देश के प्रमुख उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपने संबोधन में कहा कि समय के अनुरूप चलने के लिए आवश्यक है कि हर व्यक्ति के हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के साधन हों। उन्होंने कहा कि एआई को लेकर किसी भी प्रकार के भय या संशय में पड़ने की बजाय यह समझना चाहिए कि यह तकनीक स्टीम इंजन और बिजली के आविष्कार की तरह दूरगामी प्रभाव डालने वाली है।
उन्होंने कहा कि एआई का प्रभाव भले ही लोगों के लिए अलग-अलग रूपों में दिखाई देता हो, लेकिन यह समग्र रूप से जीवन के सभी क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि एआई ग्रामीण विकास, कृषि विकास और महिला सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में ऊर्जा, प्रतिभा और पैमाने की कोई कमी नहीं है तथा यहां के छात्र अत्यंत प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश एआई के क्षेत्र में भारत का अग्रणी राज्य बनेगा।
कार्यक्रम में टीसीएस के एमडी एवं सीईओ के. कृतिवासन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में निवेश के लिए उत्कृष्ट वातावरण तैयार करने के साथ-साथ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार से मिल रहे प्रोत्साहनपूर्ण माहौल के कारण प्रदेश में टीसीएस के प्रौद्योगिकी शिक्षण एवं प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रम लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
वहीं टीसीएस आई-ऑन (TCS iON) के हेड वेंगुस्वामी रामास्वामी ने कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदैव भविष्य को आकार देने की दिशा में कार्य करते हैं और यह पहल उसी दृष्टिकोण को साकार करती है।
