SGPGI में मृत अंगदाता प्रत्यारोपण मॉडल पर जोर,अंगदान से हजारों मरीजों को मिलेगी नई जिंदगी

संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के नेफ्रोलॉजी विभाग का 39वां स्थापना दिवस शनिवार को मनाया गया। समारोह में देशभर के नेफ्रोलॉजिस्ट, प्रत्यारोपण विशेषज्ञ, सर्जन, स्वास्थ्य नीति निर्माता, स्वास्थ्यकर्मी, दाता परिवार और मेडिकल छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम में लगभग चार दशकों में विभाग की उपलब्धियों को रेखांकित करने के साथ उत्तर प्रदेश में मृत अंगदाता प्रत्यारोपण प्रणाली को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

विभाग की स्थापना 15 मई 1987 को विभाग के प्रथम अध्यक्ष डॉ. विजय खेर तथा वरिष्ठ विशेषज्ञ प्रो. आरके शर्मा और प्रो. अमित गुप्ता की नियुक्ति के साथ हुई थी। वर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो. नारायण प्रसाद ने वर्ष 2022 से स्थापना दिवस को थीम आधारित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम के रूप में आयोजित करने की शुरुआत की।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अंगदान ऐसा पुण्य कार्य है, जिसके माध्यम से व्यक्ति मृत्यु के बाद भी कई लोगों के जीवन में जीवित रहता है। इस अवसर पर उन्होंने लखनऊ की स्वर्गीय लक्ष्मी और मध्य प्रदेश के एक अन्य मृत अंगदाता के परिजनों को सम्मानित किया, जिन्होंने ब्रेन डेथ के बाद अंगदान की अनुमति देकर कई मरीजों को नया जीवन दिया।

गुजरात और तमिलनाडु मॉडल को अपनाने पर जोर

मुंबई के जसलोक अस्पताल की डॉ. श्रुति टंडन ने ब्रेन डेथ घोषित करने की जटिलताओं और अंगों को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया पर जानकारी दी।

अहमदाबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजीज एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) के डॉ. विवेक कुटे ने गुजरात के सफल अंग प्रत्यारोपण मॉडल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भी इसी प्रकार की व्यवस्था विकसित की जा सकती है।

तमिलनाडु ट्रांसप्लांट अथॉरिटी के अध्यक्ष डॉ. नटराजन गोपालकृष्णन ने बताया कि तमिलनाडु मृत अंगदान के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के शुरुआती दो महीनों में ही वहां 57 मृत अंगदान हो चुके हैं।

राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) के निदेशक प्रो. अनिल कुमार ने राज्यों में अंगदान कार्यक्रमों को मजबूत बनाने की रणनीतियों पर व्याख्यान दिया।

डॉ. विजय खेर को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

कार्यक्रम में विभाग के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. विजय खेर को नेफ्रोलॉजी और किडनी प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

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