महंगे कच्चे तेल का असर! अप्रैल में थोक महंगाई दर 8.3 प्रतिशत रही

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (केसरिया न्यूज़)। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई दर या थोक महंगाई दर अप्रैल में सालाना आधार पर 8.30 प्रतिशत (प्रोविजनल) रही है। इससे पहले मार्च में यह 3.88 प्रतिशत थी। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा गुरुवार को दी गई।

सरकार ने आधिकारिक बयान में कहा कि अप्रैल में महंगाई के सकारात्मक रहने की वजह खनिज तेल, कच्चे तेल और नेचुरल गैस, बेसिक मेटल, अन्य मैन्युफैक्चरिंग और गैर-खाद्य उत्पादों की कीमतों में इजाफा होना है।

आंकड़ों के मुताबिक, प्राइमरी आर्टिकल्स में थोक महंगाई दर सालाना आधार पर 9.17 प्रतिशत रही। फ्यूल एंड पावर में महंगाई दर सालाना आधार पर 24.71 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स में महंगाई दर 4.62 प्रतिशत रही। हालांकि, खाद्य उत्पादों में महंगाई में नरमी बनी हुई है और अप्रैल में यह सालाना आधार पर 2.31 प्रतिशत रही है।

आंकड़ों के मुताबिक, क्रूड पेट्रोलियम की कीमत में थोक महंगाई दर में सालाना आधार पर 88.06 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एलपीजी में थोक महंगाई दर अप्रैल में सालाना आधार पर 10.92 प्रतिशत रही है।

इससे पहले, सरकार ने खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए थे। भारत में खुदरा महंगाई दर अप्रैल में सालाना आधार पर 3.48 प्रतिशत रही है, जो कि मार्च में 3.40 प्रतिशत थी।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल में ग्रामीण क्षेत्र में खुदरा महंगाई दर 3.74 प्रतिशत रही है। वहीं, शहरी क्षेत्र में यह 3.16 प्रतिशत थी। अप्रैल में खाद्य मंहगाई दर 4.20 प्रतिशत रही है, जो कि मार्च में 3.87 प्रतिशत थी। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई दर 4.26 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 4.10 प्रतिशत रही है।

सरकार ने बताया कि तेलंगाना (5.81 प्रतिशत), आंध्र प्रदेश (4.20 प्रतिशत), तमिलनाडु (4.18 प्रतिशत), कर्नाटक (4.00 प्रतिशत) और राजस्थान (3.77 प्रतिशत) के खुदरा महंगाई में अप्रैल में शीर्ष पर थे।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2026-27 के लिए देश की खुदरा महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। इसका कारण रबी की अच्छी फसल से निकट भविष्य में खाद्य आपूर्ति की संभावनाएं बेहतर रहना है।

–केसरिया न्यूज़

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