शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत उपवास रखा जाता है। सनातन शास्त्रों में देवताओं के सेनापति भगवान कार्तिकेय को स्कंद कहा गया है। अतः जगत जननी आदिशक्ति मां पार्वती को स्कंदमाता भी कहा जाता है। धार्मिक मत है कि स्कंदमाता की पूजा करने से महादेव भी प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा साधक पर बरसती है। साथ ही मां की कृपा से साधक के जीवन में व्याप्त सभी दुख और संकट दूर हो जाते हैं। अतः साधक विधि-विधान से स्कंदमाता की पूजा करते हैं। ज्योतिषियों की मानें तो शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन दुर्लभ शोभन योग समेत कई अद्भुत संयोग बन रहे हैं। इन योग में मां की साधना करने से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
