कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के चलते शेयर बाजार में लगातार चौथे सप्ताह तेजी, निफ्टी-सेंसेक्स ने 0.8 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की

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मुंबई, 4 जुलाई (केसरिया न्यूज़)। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में राहत मिलने की उम्मीदों के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे सप्ताह बढ़त दर्ज की गई।

सप्ताह के दौरान निफ्टी में 0.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यह 0.39 प्रतिशत चढ़कर 24,270 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स शुक्रवार को 262 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,763 पर पहुंच गया। पूरे सप्ताह के दौरान सेंसेक्स में 0.86 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो रियल एस्टेट, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि पीएसयू बैंक और ऊर्जा क्षेत्र के शेयर अपेक्षाकृत कमजोर रहे। वहीं, आईटी सेक्टर में भी अच्छी रिकवरी देखने को मिली।

विश्लेषकों का कहना है कि शॉर्ट कवरिंग और एंटरप्राइज एआई अपनाने में भारतीय आईटी कंपनियों की बढ़ती भूमिका को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

बाजार की व्यापक तस्वीर भी सकारात्मक रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में सप्ताह के दौरान 0.64 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.05 प्रतिशत चढ़ा, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों की रुचि केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही।

विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत इस सप्ताह सतर्कता के माहौल में हुई थी, लेकिन सप्ताह के अंत तक निवेशकों का रुख सकारात्मक हो गया। सप्ताह के शुरुआती दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बनी शांति व्यवस्था की स्थिरता को लेकर संदेह, आगामी तिमाही नतीजों से पहले मुनाफावसूली और मानसून की धीमी शुरुआत के कारण बाजार में दबाव देखने को मिला।

हालांकि, सप्ताह के अंत तक अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बाजार के पक्ष में रहीं। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन की नरम टिप्पणी और अमेरिका के कमजोर श्रम बाजार के आंकड़ों ने यह उम्मीद मजबूत की कि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में नरमी देखने को मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर भारत-जापान शिखर सम्मेलन को लेकर भी निवेशकों में उत्साह रहा। बाजार को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहयोग और प्रस्तावित रुपया-येन भुगतान व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में प्रगति होगी, जिससे आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।

विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले सप्ताह में निफ्टी के लिए 24,400 निकटतम रेजिस्टेंस रहेगा, जबकि 24,200 पहला महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। इसके नीचे 24,000 मजबूत सपोर्ट का स्तर होगा। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,600 से 57,500 का दायरा प्रमुख सपोर्ट और 58,200 से 58,300 के बीच रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

बाजार की आगे की दिशा अब कई महत्वपूर्ण घटनाओं पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक के मिनट्स, भारतीय कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों, मानसून की प्रगति, बैंकिंग क्षेत्र में कर्ज वृद्धि और जापान, ब्रिटेन तथा अमेरिका के साथ भारत की चल रही व्यापार वार्ताओं पर रहेगी।

विश्लेषकों का मानना है कि हालांकि कंपनियों की कमाई के अनुमानों में कटौती, मानसून से जुड़ी महंगाई की चिंताएं और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की सतर्कता जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन इन जोखिमों का बड़ा हिस्सा पहले ही बाजार में शामिल हो चुका है। ऐसे में यदि आगे सकारात्मक आर्थिक संकेत मिलते हैं तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रह सकता है।

–केसरिया न्यूज़

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