तमिलनाडु: नमक्कल में गंभीर हुआ सूखे का संकट, झीलें सूखने से किसानों को फसल के नुकसान का डर


नमक्कल, 12 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के नमक्कल जिले के कुमारपालयम इलाके में पानी की भारी किल्लत हो गई है। मॉनसून की बारिश में देरी और मेट्टूर बांध से पानी न छोड़े जाने की वजह से इस इलाके में गंभीर संकट पैदा हो गया है। किसानों को अपनी फसलें बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

कुमारपालयम, पल्लीपालयम और वेप्पाडाई में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाली 20 से ज्यादा झीलें पूरी तरह सूख गई हैं, जिससे हजारों एकड़ खेती की जमीन की सिंचाई के लिए संकट हो गया है।

बारिश न होने और इलाके में नहर का पानी न पहुंचने के कारण खेती-बाड़ी का काम लगभग ठप हो गया है, जिससे बड़े पैमाने पर फसल बर्बाद होने और भारी आर्थिक नुकसान का डर पैदा हो गया है।

खेती ही यहां के अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और धान, हल्दी, केला और गन्ना मुख्य फसलें हैं। कई किसानों ने सिंचाई का मौसम सामान्य रहने की उम्मीद में बीज, पौधे व खाद खरीदने में भारी निवेश किया था, जिसके लिए उन्होंने ज्यादातर उधार लिया था। हालांकि, पानी की लगातार कमी के कारण कई खेत खाली पड़े हैं, जबकि पहले से लगाई गई फसलें सूखने लगी हैं।

लंबे समय तक सूखे के कारण भूजल की उपलब्धता पर भी बुरा असर पड़ा है, जिससे किसान परिवारों के लिए स्थिति और खराब हो गई है। कई गाँवों में सिंचाई के टैंक सूखने से न केवल खेती को लेकर, बल्कि निवासियों और मवेशियों के लिए पीने के पानी की उपलब्धता को लेकर भी चिंता पैदा हो गई है।

इस संकट ने स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। लोगों ने तमिलनाडु सरकार से दखल देने की अपील की है। उन्होंने फसल के नुकसान और पानी की बिगड़ती स्थिति का आकलन करने के लिए कृषि और राजस्व अधिकारियों से तुरंत खेतों का निरीक्षण करने की मांग की है।

किसानों और स्थानीय संगठनों ने एक व्यापक राहत पैकेज की भी मांग की है, जिसमें प्रभावित किसानों के लिए आर्थिक मदद, आपातकालीन सिंचाई के उपाय और सामान्य बारिश शुरू होने तक पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने के कदम शामिल हों।

–आईएएनएस

एसडी/एएस


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