Monday, February 16, 2026

कलौंजी को न समझें रसोई का सामान्य मसाला, कमजोर याददाश्त से झड़ते बालों तक में फायदेमंद


नई दिल्ली, 15 दिसंबर (आईएएनएस)। रसोईघर में ऐसे कई मसाले हैं, जो न केवल स्वाद बढ़ाने बल्कि सेहत के लिए भी लाभदायी हैं। काले-काले छोटे दाने यानी कलौंजी को ‘हर मर्ज की दवा’ कहा जाता है।

कलौंजी को नाइजेला सीड्स भी कहते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर कलौंजी में फाइबर, विटामिन, प्रोटीन, अमीनो एसिड, फैटी एसिड के साथ एंटीवायरल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद हैं। आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में इसे संजीवनी की तरह महत्व दिया जाता है।

कलौंजी के सेवन से एक-दो नहीं, कई फायदे मिलते हैं। यह याददाश्त को तेज करने, बालों को मजबूत बनाने के साथ पेट की गैस, पेशाब की जलन, खाज-खुजली, हिचकी, बाल झड़ना, सूजन, और पीरियड्स से संबंधित समस्याओं को दूर करने में कारगर है। इसके अलावा, यह अनिद्रा, सिरदर्द, पेट दर्द, स्वप्नदोष, जोड़ों का दर्द, मुंहासे, शुगर, मोटापा, किडनी स्वास्थ्य, हृदय रोग और बवासीर जैसी कई समस्याओं में लाभकारी है। कलौंजी में एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के कारण यह हार्ट को स्वस्थ रखता है। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रित रहता है।

आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि कलौंजी का सेवन कैसे करें? याददाश्त बढ़ाने के लिए आधा चम्मच कलौंजी पाउडर को शहद में मिलाकर सुबह-शाम लें। बालों के झड़ने को रोकने के लिए 50 ग्राम कलौंजी को एक लीटर पानी में उबालकर बचे पानी से बाल धोएं; इससे बाल लंबे, काले और घने होते हैं। जोड़ों के दर्द और सूजन में कलौंजी पाउडर का लेप लगाएं या सेब के सिरके, शहद और कलौंजी तेल का मिश्रण रात में पिएं। महिलाओं के लिए कलौंजी विशेष रूप से उपयोगी है। पीरियड्स के दर्द और अनियमितता में 1 ग्राम पाउडर सुबह-शाम लें।

पेट संबंधी समस्याओं में कलौंजी खास तौर पर फायदेमंद है। गैस के लिए कलौंजी, जीरा और अजवाइन का पाउडर खाने के बाद लें। हिचकी में कलौंजी पाउडर दही या मक्खन के साथ खाएं। डायबिटीज कंट्रोल के लिए रोजाना 2 ग्राम कलौंजी लें। वजन घटाने के लिए कलौंजी, मेथी, दालचीनी, जीरा और सौंफ का काढ़ा सुबह-शाम पिएं।

आयुर्वेद में कलौंजी को औषधीय गुणों से भरपूर होने की वजह से अहम दर्जा प्राप्त है और इसके सेवन से कई गंभीर रोगों को भी मात दिया जा सकता है। हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि बिना डॉक्टर परामर्श के खुद से इसका सेवन न करें। गर्भवती महिलाओं को कलौंजी का सेवन नहीं करना चाहिए।

–आईएएनएस

एमटी/डीएससी


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