लखनऊ, 28 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन से पहले कहा कि ‘नए भारत’ के ‘नए उत्तर प्रदेश’ की विकास यात्रा आज एक और स्वर्णिम शिखर को स्पर्श करने जा रही है। उन्होंने नोएडा हवाई अड्डे के उद्घाटन को लेकर प्रदेशवासियों की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन भी किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “‘नए भारत’ के ‘नए उत्तर प्रदेश’ की विकास यात्रा आज एक और स्वर्णिम शिखर को स्पर्श करने जा रही है। प्रधानमंत्री के कर-कमलों से आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के प्रथम चरण का भव्य उद्घाटन होने जा रहा है।”
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, “जेवर का यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास का रनवे है। यहां से युवाओं के सपने उड़ान भरेंगे, संभावनाएं साकार होंगी और भविष्य नई ऊंचाइयों को स्पर्श करेगा। इस युगांतरकारी परियोजना को धरातल प्रदान करने वाले हमारे किसान भाइयों को विशेष बधाई, आपके समर्पण से ही यह विकास संभव हुआ है। 25 करोड़ प्रदेश वासियों की ओर से प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन।”
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे, जो भारत के वैश्विक विमानन केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में परिकल्पित यह हवाई अड्डा, देश के हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय संपर्क को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया है, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरक है। ये दोनों हवाई अड्डे मिलकर एक एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में कार्य करेंगे, जिससे भीड़ कम होगी, यात्री क्षमता बढ़ेगी और दिल्ली एनसीआर को वैश्विक विमानन केंद्रों में अग्रणी स्थान प्राप्त होगा।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये के कुल निवेश से विकसित किया गया है। प्रारंभिक चरण में हवाई अड्डे की यात्री संचालन क्षमता 12 मिलियन यात्री प्रति वर्ष (एमपीपीए) होगी, जो हवाई अड्डे के पूर्ण विकसित होने तक 70 एमपीपीए तक हो जाएगी। इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे है जो बड़े आकार के विमानों के संचालन में सक्षम है। इसके साथ ही इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) और उन्नत एयरफील्ड लाइटिंग सहित आधुनिक नेविगेशन सिस्टम हैं, जो हर मौसम में दिन-रात संचालन में कुशल हैं।
–आईएएनएस
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