मुंबई, 14 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रवक्ता आनंद परांजपे ने शनिवार को महाराष्ट्र और राष्ट्रीय स्तर के कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मालेगांव डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने के विवाद से लेकर भारत-अमेरिका रक्षा सौदे, नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ के उद्घाटन और पार्टी के अंदरूनी मामलों पर विस्तार से बात की।
एनसीपी प्रवक्ता आनंद परांपजे ने आईएएनएस से बात करते हुए मालेगांव म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में डिप्टी मेयर के ऑफिस में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा, “यह बहुत गलत है। सरकारी कार्यालय में सिर्फ राष्ट्रीय नेताओं की तस्वीरें लगनी चाहिए। टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाना ऐतिहासिक संदर्भ में विवादास्पद है और यह सरकारी स्थान की गरिमा के खिलाफ है।”
यह विवाद पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है, जहां भाजपा और अन्य दल इसे ‘इतिहास की गलत व्याख्या’ बताकर हमला कर रहे हैं।
भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुए प्रमुख रक्षा सौदे पर विपक्षी नेताओं की आलोचना का जवाब देते हुए परांजपे ने कहा, “सौदा साइन होने के बाद विपक्षी नेता लगातार देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, चाहे लोकसभा में हो या मीडिया के माध्यम से। वे तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि यह सौदा राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने वाला है और विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए इसे नकारात्मक रूप दे रहा है।
नए प्रधानमंत्री कार्यालय कॉम्प्लेक्स ‘सेवा तीर्थ’ के उद्घाटन पर परांजपे ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैं इसका स्वागत करता हूं। जब से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, उन्होंने प्रशासन में बड़े बदलाव किए हैं। ‘सेवा तीर्थ’ आधुनिक सुविधाओं से लैस एक नया प्रतीक है जो कुशल प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
यह कॉम्प्लेक्स नई दिल्ली में बनाया गया है और इसमें पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन, डिजिटल इंटीग्रेशन और बेहतर कार्यक्षमता पर जोर दिया गया है।
एनसीपी (एसपी) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे के हालिया बयान पर परांजपे ने स्पष्ट किया कि अजीत पवार के बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा, “अजीत दादा पवार के बारे में गलत बातें लिखी गई हैं। पार्टी की अंदरूनी बैठकों में यह सुझाव दिया गया था कि पार्टी को भारतीय जनता पार्टी के साथ मिल जाना चाहिए, लेकिन इसकी गलत व्याख्या की जा रही है। अंदरूनी चर्चाओं को बाहर लाकर पार्टी में फूट दिखाने की कोशिश हो रही है।”
–आईएएनएस
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