नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने साहिल सोलंकी की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले को 48 घंटों के भीतर सुलझा लिया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह हत्या गैंग की आपसी दुश्मनी के कारण की गई थी।
हत्या की एफआईआर दर्ज करने के बाद इंस्पेक्टर मान सिंह, इंस्पेक्टर अरविंद सिंह, इंस्पेक्टर सुंदर गौतम और इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के नेतृत्व में टीम ने मामले की छानबीन की। टीम ने संदीप तुशीर की देखरेख में दो लोगों को पकड़कर हत्या के पीछे के मास्टरमाइंड का पता लगाया।
ऑपरेशन-I में एआरएससी की टीम ने टिल्लू ताजपुरिया गैंग के बदमाश को पकड़ने के लिए नरेला, दिल्ली के पास एक ट्रैप लगाया। पुलिस हिरासत में आए गैंग के सदस्य ने बताया कि वह इंस्टाग्राम के जरिए गैंग के अन्य सदस्यों हिमांशु और मोहित से जुड़ा और उनके दिखाए जीवनशैली के आकर्षक वादों में आकर गैंग में शामिल हो गया। 14 फरवरी को वह हिमांशु और सोनू उर्फ गोनी के साथ साहिल सोलंकी की हत्या के लिए सेक्टर-17, रोहिणी पहुंचा। घटना से पहले और बाद में वह मोटरसाइकिल चला रहा था, जबकि उसके साथियों ने गोली चलाई।
ऑपरेशन-II में, एनआर-II की टीम ने घटना की तकनीकी और मैन्युअल जांच की। कई सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई। एसआई बलराज को क्राइम में शामिल व्यक्ति के ठिकानों की जानकारी मिली और टीम ने समयपुर, रोहिणी में ट्रैप लगाकर आरोपी बदमाश को पकड़ लिया।
बदमाश ने पुलिस को बताया कि वह मूलतः मुजफ्फरपुर (बिहार) का रहने वाला है और दिल्ली में किराए पर रहता था। बुरी संगत के कारण वह गैंगस्टर से जुड़ा। जनवरी 2025 में उसने अपने दोस्तों के साथ इलाके में दहशत फैलाने के लिए एक व्यक्ति पर चाकू से हमला किया, जिसके कारण उसे जुवेनाइल होम भेजा गया। रिहा होने के बाद वह इंस्टाग्राम के माध्यम से टिल्लू ताजपुरिया गैंग में शामिल हुआ और पैसे के लालच में अपराध में शामिल हुआ।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि दोनों को पकड़ने के बाद हत्यारे और उनके गैंग के अन्य सदस्य गिरफ्तार किए जाएंगे। इस कार्रवाई से रोहिणी सेक्टर-17, दिल्ली में हुई दिनदहाड़े हत्या के मामले का पर्दाफाश हुआ है।
–आईएएनएस
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