जम्मू-कश्मीर: वीजा और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया मामला

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जम्मू, 8 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की स्पेशल क्राइम विंग और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग, जम्मू ने विदेश में वीजा और नौकरी दिलाने के नाम पर की गई धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है।

ईओडब्ल्यू जम्मू की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह मामला डोडा जिले के कई निवासियों द्वारा दी गई संयुक्त लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि किश्तवाड़ के डच्छन क्षेत्र के निवासी बिलाल अहमद, जो वर्तमान में दुबई में रह रहा है, ने दुबई में वीजा और नौकरी दिलाने का झांसा दिया।

शिकायत के अनुसार, आरोपी के आश्वासनों पर भरोसा करते हुए पीड़ितों ने उसके निर्देश पर अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में बड़ी रकम जमा कराई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह पैसा यासिर अराफात, आशिक हुसैन और मोइन खान के बैंक खातों के माध्यम से भेजा गया। जांच एजेंसी के अनुसार, ये लोग मुख्य आरोपी के साथ मिलकर काम कर रहे थे।

बयान में कहा गया कि प्रारंभिक तौर पर मिले साक्ष्य एक सुनियोजित आपराधिक साजिश की ओर इशारा करते हैं, जिसमें विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को ठगा गया।

इसके बाद संबंधित कानूनी धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ औपचारिक मामला दर्ज कर लिया गया है।

जांच एजेंसी अब धन के लेनदेन की पूरी कड़ी (मनी ट्रेल) की जांच करेगी, प्रत्येक आरोपी की भूमिका का पता लगाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रयास करेगी।

ईओडब्ल्यू ने आम लोगों को विदेश में नौकरी या वीजा दिलाने का दावा करने वाले व्यक्तियों और एजेंसियों से सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से कहा गया है कि किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित एजेंसी या व्यक्ति की विश्वसनीयता की जांच अधिकृत सरकारी माध्यमों से कर लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन पर सूचना दें।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पहले भी वीजा और नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं।

जुलाई 2026 में सामने आए कंबोडिया साइबर स्कैम मामले में ईओडब्ल्यू कश्मीर ने पट्टन के एक संचालक के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपी ने एक व्यक्ति को कंबोडिया में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी और 90 हजार रुपए मासिक वेतन का लालच दिया था। वहां पहुंचने के बाद पीड़ित को बंधक बनाकर अवैध ऑनलाइन ठगी के काम में लगाया गया।

इसी तरह बहरीन और कतर फर्जी भर्ती मामले में श्रीनगर के करणनगर स्थित एम/एस एचआर चॉइस इंटरनेशनल एजुकेशन कंसल्टेंसी के संचालक के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया गया था।

जांच में पता चला था कि आरोपी फर्जी ऑनलाइन इंटरव्यू और नकली मेडिकल जांच आयोजित कर लोगों से लाखों रुपए वसूलते थे। इसके बाद उन्हें बहरीन के लिए नकली नौकरी के ऑफर लेटर, हवाई टिकट और वीजा उपलब्ध कराए जाते थे। कतर और मालदीव के नाम पर भी इसी तरह की ठगी के मामले सामने आए थे।

अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में ठग आमतौर पर लोगों से 1 लाख से 1.5 लाख रुपए तक अग्रिम राशि लेते हैं और अक्सर भुगतान की कोई आधिकारिक रसीद भी नहीं देते।

— आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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