प्रदेशभर में रविवार को 60,244 नव-नियुक्त आरक्षियों की ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड को लेकर रिजर्व पुलिस लाइन में परेड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई टीम में जोश भरा है और कहा कि ट्रेनिंग में जितना पसीना बहेगा, उतना कम खून बहाने की नौबत आएगी।
इसलिए प्रशिक्षण की गुणवत्ता भविष्य की चुनौतियों से निपटने का आधार बनेगी। इससे पहले परेड की सलामी लेने के बाद नव आरक्षियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन, समर्पण और टीमवर्क पुलिस बल की सबसे बड़ी ताकत है।
2017 से पहले यूपी पुलिस के सामने चुनौती और संकट था, अब देश का बेहतरीन पुलिस बल स्थापित है। अपराधियों में भय और पुलिस का मनोबल ऊंचा हुआ है।प्रदेश के 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों, 75 जिलों की पुलिस लाइंस और 29 पीएसी बटालियनों में एक साथ आयोजित इस दीक्षांत समारोह ने राज्य पुलिस इतिहास में नया रिकॉर्ड स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 की यह भर्ती प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी सीधी भर्ती है, जिसमें 12 हजार से अधिक महिलाओं का चयन हुआ है।
पहले जहां प्रशिक्षण क्षमता लगभग तीन हजार तक सीमित थी, वहीं अब 60 हजार से अधिक आरक्षियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की व्यवस्था विकसित की गई है। प्रदेश के 55 जिलों में आधुनिक मल्टीस्टोरी बैरक बनाए गए हैं और पुराने जर्जर बैरकों को हटाकर बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
अब पुलिस प्रशिक्षण में 303 राइफल के स्थान पर आधुनिक इंसास और एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही 75 जिलों में साइबर थानों की स्थापना कर पुलिसकर्मियों को आधुनिक साइबर अपराधों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
लखनऊ में स्थापित फारेंसिक साइंस संस्थान के माध्यम से वैज्ञानिक जांच प्रणाली को भी सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कानून के प्रति कठोर और नागरिकों के प्रति संवेदनशील रहें। उन्होंने अपेक्षा जताई कि सभी आरक्षी प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान, कौशल और मूल्यों का उपयोग करते हुए ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
अपराधियों में भय का माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अब दंगे नहीं होते और अपराधियों में भय का माहौल है। इससे पुलिस का मनोबल बढ़ा है।
तीन गुना तक बढ़ा पुलिस बजट
सरकार ने पुलिस बजट को तीन गुना तक बढ़ाया और नई पीएसी बटालियनों का गठन किया गया है, जिनमें महिला बटालियन भी शामिल हैं। इसके अलावा स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) का गठन, फॉरेंसिक लैब का विस्तार और आधुनिक तकनीक का उपयोग पुलिसिंग को तरफ प्रभावी बना रहा है। यूपी-112 सेवा के रिस्पांस टाइम को 65 मिनट से घटाकर 6-7 मिनट तक लाने को भी बड़ी उपलब्धि बताया गया।
