मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा में 520 करोड़ रुपये से अधिक की 69 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

गोंडा, 2 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि किसी सपाई और किसी कसाई को मां दुर्गा की पूजा से परेशानी होती है तो अपने घर में शोक मनाओ, लेकिन किसी को परेशान मत करो। समाजवादी पार्टी अपने आप में उत्तर प्रदेश के लिए एक शाप है। यह जब भी आई, हमेशा तबाही मचाई। सपा सरकार में दुर्गा पूजा के पंडालों को विवादित किया जाता था, पूजा की अनुमति नहीं मिलती थी और कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी जाती थी। आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू-दंगा मुक्त है। भाजपा का मतलब आस्था को सम्मान देने वाली पार्टी है, जबकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का मतलब अपराध है। वे बदमाश लाते हैं, हम बदलाव लाते हैं।

मुख्यमंत्री सोमवार को गोंडा में 520 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 69 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास अवसर पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 7 नवंबर को अयोध्या में दीपोत्सव का दसवां संस्करण आयोजित होगा। दीपोत्सव अयोध्या में होगा, लेकिन उसकी रोशनी विकास के रूप में गोंडा और पूरे देवीपाटन मंडल तक पहुंचेगी। गोंडा में दिखाई दे रहा विकास इसी परिवर्तन का परिणाम है।

सपा सरकार में पूजा की अनुमति भी नहीं मिलती थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवीपाटन मंडल में सबसे ज्यादा स्थानों पर मां दुर्गा पूजा के पंडालों को विवादित करके रखा गया था। पूजा करने की भी अनुमति नहीं मिलती थी। कोई सनातन धर्मावलंबी अपने घर में मां दुर्गा की पूजा करता था तो कोई सपाई और कसाई उसका विरोध करके एप्लिकेशन देता था और लखनऊ से समाजवादी पार्टी की सरकार उस पर रोक लगाती थी। इस बार नवरात्र में पूरे प्रदेश में 67 हजार मूर्तियां स्थापित की गई थीं। गोंडा कमिश्नरी के लिए उन्होंने विशेष रूप से कहा था कि मूर्ति स्थापना के लिए अनुमति मांगने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। जो भी अपने घर में मूर्ति रखना चाहता है, उसे अनुमति दे दो। किसी सपाई या किसी कसाई को परेशानी होती है, तो बोलो अपने घर में शोक मनाओ, लेकिन किसी को परेशान मत करो।

सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देती थी। पर्व और त्योहार मनाने में बाधाएं खड़ी की जाती थीं। कांवड़ यात्रा को लेकर कहा जाता था कि दंगा हो जाएगा। इस वर्ष गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच कांवड़ यात्रा में 4.5 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए। नवरात्र में भी पूरे प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल रहा। हर तरफ उत्साह, उमंग और खुशहाली है। यूपी कर्फ्यू और दंगों से मुक्त है। पहले त्योहारों के समय उपद्रव शुरू हो जाते थे, बाजार वीरान हो जाते थे और हर व्यक्ति अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता था।

रामभक्तों पर पुष्प वर्षा कर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया
मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर 1990 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दिन अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सरकार ने रामभक्तों पर गोली चलाकर उन्हें लहूलुहान किया था। हमने रामभक्तों पर पुष्प वर्षा करके अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। अयोध्या का विकास आगे बढ़ाया और दीपोत्सव के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि भगवान राम की पावन धरा में जो दीप जलेगा, उसका विकास गोंडा तक पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि आज से दस वर्ष पहले गोंडा से देवीपाटन स्थित मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ पहुंचने में ढाई से तीन घंटे लगते थे। सड़कें गड्ढों में तब्दील थीं, असुरक्षा का वातावरण था, विकास कार्य ठप थे, नौजवान बेरोजगार और अन्नदाता किसान बेहाल था। बेटी और व्यापारी की सुरक्षा खतरे में थी। देश के सबसे पिछड़े और गंदे जनपदों में गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती की गिनती होती थी। वर्ष 2016 के स्वच्छ सर्वेक्षण में गोंडा देश के सबसे गंदे शहरों में शामिल था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही धरती है जिसने महाराजा सुहेलदेव का शौर्य और पराक्रम देखा, मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ की शक्ति से विदेशी आक्रांताओं को नेस्तनाबूद किया और 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर के अमर सेनानी महाराजा देवी बख्श सिंह का पराक्रम देखा। महर्षि पतंजलि की योग परंपरा और गोस्वामी तुलसीदास की रामकथा से जुड़ी इस पावन भूमि की पहचान विकास के अभाव में संकट में पड़ गई थी। जिस धरती ने दुनिया को रोशनी दिखाई, वह स्वयं अंधेरे में रह गई।

गरीब के बच्चे की मौत पर अज्ञात बीमारी बताती थी सरकार
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय मीडिया की सुर्खियां बनती थीं कि अज्ञात बीमारी से गोंडा, बलरामपुर और बहराइच में इतने बच्चों की मौत हो गई। तब की सरकार के एजेंडे में एक गरीब के बच्चे की कोई कीमत नहीं थी। गरीब के लिए किसी प्रकार की योजना नहीं थी। नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना वे अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते थे।

गोंडा को 16 हजार करोड़ और देवीपाटन मंडल को 50 हजार करोड़ की परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में अकेले गोंडा जिले के लिए 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। पूरे देवीपाटन मंडल के लिए लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। कुछ परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, कुछ पर काम चल रहा है और नई परियोजनाओं के प्रस्ताव भी मांगे गए हैं। वर्ष 2023 में आयोजित यूपी इन्वेस्टर्स समिट में अकेले गोंडा को तीन हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं और शेष को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। अब पराली और गोबर का भी दाम मिलेगा। कंप्रेस्ड बायोगैस के माध्यम से प्रत्येक जनपद में इथेनॉल उत्पादन के कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडा में महाराजा देवी बख्श सिंह के नाम पर मेडिकल कॉलेज और बहराइच में महाराज सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो चुका है। बलरामपुर में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है। देवीपाटन मंडल में विश्वविद्यालय की स्थापना भी इसी बदलाव का हिस्सा है। पहले नकल के ठेके संचालित करने वाले लोग विश्वविद्यालय बनने में बाधा थे, क्योंकि इससे उनका धंधा चौपट हो जाता। अब यहां के बच्चे नकल नहीं करेंगे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।

पहले विकास का मतलब सैफई, अब सभी 75 जनपदों में विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले विकास का मतलब केवल सैफई होता था। आज प्रदेश के सभी 75 जनपदों, 350 तहसीलों, 825 विकास खंडों और 762 नगर निकायों में विकास हो रहा है। अब बिजली केवल रामपुर और सैफई में नहीं, बल्कि गोंडा, बलरामपुर और बहराइच में भी मिल रही है। राशन चेहरा देखकर नहीं, बल्कि हर गरीब और जरूरतमंद को मुफ्त दिया जा रहा है। रसोई गैस के कनेक्शन भी बिना भेदभाव मिल रहे हैं। दीपावली से पहले गरीब परिवारों को एक भरा हुआ रसोई गैस सिलेंडर मुफ्त देने जा रहे हैं।

सीएम ने कहा कि गरीब को उपचार के लिए अब भटकना नहीं पड़ता। उसके पास प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिया गया आयुष्मान कार्ड है। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से भी उपचार के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। ईमानदारी से भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, जिसका परिणाम है कि गोंडा का नौजवान भी नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहा है। अब निवेश के साथ रोजगार और नौकरी के अवसर भी गोंडा में ही पैदा होंगे। हमारा प्रयास है कि गोंडा का नौजवान रोजगार के लिए बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई या दिल्ली न जाए, बल्कि उसे अपने जिले में ही काम मिले।

माफिया को मिट्टी में मिला चुके हैं, सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गौरा, मनकापुर, गोंडा, मेहनौन, करनैलगंज और कटरा, कहीं भी विकास की कोई योजना आती है तो कोई रास्ते में उसे हाईजैक नहीं कर सकता, क्योंकि माफिया को हम मिट्टी में मिला चुके हैं। बेटी और व्यापारी की सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। जो भी सुरक्षा में सेंध लगाएगा, उसके लिए पहले से अल्टीमेटम है कि उसके लिए जेल या जहन्नुम, इसके अलावा तीसरी कोई जगह नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का कुशासन नई पीढ़ी ने नहीं देखा है। अपने अभिभावकों से पूछिए कि कर्फ्यू क्या होता है, उपद्रव क्या होता है? कैसे गरीबों के घर लूटे जाते थे, गरीबों के हक पर डकैती डाली जाती थी, युवाओं के रोजगार पर डकैती पड़ती थी और बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाई जाती थी। समाजवादी पार्टी प्रदेश के लिए शाप है, ये जब भी आई, उसने हमेशा तबाही मचाई।

छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नियुक्ति पत्र वितरित करने की कार्ययोजना तैयार है। अब तक 12 से 15 हजार नौजवानों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। इसी सप्ताह साढ़े चार हजार सब इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। दीपावली के तत्काल बाद 35 हजार पुलिस कांस्टेबलों और इसके बाद 42 हजार होमगार्ड्स को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। शिक्षकों, अधीनस्थ सेवा से जुड़े विभागों और अन्य विभागों में भी 25 से 30 हजार नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सीधे डिप्टी एसपी का पद दिया गया है। अन्य विभागों में भी खेल प्रतिभाओं को नियुक्तियां दी जा रही हैं। चार वर्ष की सेवा के बाद लौटने वाले अग्निवीरों को पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, वन विभाग, कारागार सहित प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। उन्हें किसी परीक्षा के बिना सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति देने की व्यवस्था की जाएगी।

आस्था के केंद्रों का हो रहा पुनरुद्धार
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा आपकी आस्था को सम्मान देने वाली पार्टी है। बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर, स्वामीनारायण छपिया और वाराही देवी मंदिर जैसे आस्था के केंद्रों के पुनरुद्धार, सौंदर्यीकरण और कनेक्टिविटी के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। पहले यही पैसा कब्रिस्तान के नाम पर जमीनों पर कब्जा करने में खर्च होता था। आज उस धनराशि को आस्था के केंद्रों के विकास में लगाया जा रहा है, ताकि किसी गरीब की जमीन पर कब्जा न हो और धार्मिक स्थलों को सम्मान मिले।

मुख्यमंत्री ने 7 नवंबर को अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव में लोगों से सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने गांव, घर और नजदीकी आस्था के केंद्र में एक दीपक जलाएं। किसी गरीब के घर, दलित बस्ती, मलिन बस्ती या किसी कमजोर और दिव्यांगजन को भी दीपक अथवा उपहार दें। आपका यह उपहार सीधे-सीधे ईश्वर को प्रदान किया गया उपहार होगा।

इस अवसर पर गोंडा के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, मनकापुर विधायक पूर्व मंत्री रमापति शास्त्री, गोरा के विधायक प्रभात वर्मा, विधायक तरबगंज प्रेम नारायण पांडे, विधायक करनैलगंज अजय सिंह, विधायक मेहनौन विनय कुमार द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य अवधेश सिंह, मंजू सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र और भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष इकबाल बहादुर तिवारी उपस्थित रहे।

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