मुख्यमंत्री विजयन ने रेवंत रेड्डी को दिया करारा जवाब, केरल मॉडल का किया बचाव


तिरुवनंतपुरम, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बीच शुक्रवार को तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। विजयन ने केरल दौरे के दौरान रेवंत रेड्डी द्वारा दिए गए बयानों पर विस्तार से जवाब दिया।

रेवंत रेड्डी केरल में अपने भाषणों से लोगों को आकर्षित कर रहे हैं और चुनावी सभा में मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल के एक मशहूर डायलॉग का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने विजयन सरकार पर भ्रष्टाचार और खराब प्रशासन के आरोप लगाए थे।

इस पर विजयन ने फेसबुक पर एक कड़े बयान में कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री गुमराह कर रहे हैं और केरल को छोटा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

विजयन ने रेवंत रेड्डी के आरोपों का जवाब देते हुए केरल के विकास से जुड़े आंकड़े सामने रखे। उन्होंने बताया कि नीति आयोग के सतत विकास सूचकांक (एसडीजी इंडेक्स) 2023–24 में केरल 79 अंकों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि तेलंगाना छठे स्थान पर है।

उन्होंने यह भी कहा कि केरल में गरीबी दर देश में सबसे कम 0.55 प्रतिशत है, जबकि तेलंगाना में यह 5.88 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने केरल की साक्षरता और स्वास्थ्य सेवाओं की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि केरल की साक्षरता दर 95.3 प्रतिशत है, जबकि तेलंगाना में यह 76.9 प्रतिशत है। केरल में शिशु मृत्यु दर 1,000 जन्म पर सिर्फ 5 है, जो अमेरिका से भी कम है। केरल की मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण यहां के लोग राष्ट्रीय औसत से 5 से 7 साल अधिक जीते हैं।

रेवंत रेड्डी की आलोचना पर कटाक्ष करते हुए विजयन ने कहा कि केरल में चुनाव प्रचार पर पैसा खर्च करने के बजाय उन्हें अपने राज्य में गरीबी कम करने और साक्षरता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने इसे ‘राजनीतिक पाखंड’ भी बताया कि तेलंगाना का एक प्रतिनिधिमंडल पहले तिरुवनंतपुरम आकर केरल के डिजिटल भूमि रिकॉर्ड सिस्टम का अध्ययन कर चुका है, जबकि अब उनके मुख्यमंत्री राज्य की आलोचना कर रहे हैं।

विजयन ने केंद्र के साथ मिलीभगत के आरोपों को भी खारिज किया और कांग्रेस पर भाजपा की ‘बी टीम’ की तरह काम करने का आरोप लगाया, जो केरल को आर्थिक रूप से कमजोर करने वाली नीतियों का विरोध नहीं कर रही है।

विजयन ने कहा कि जिस राज्य में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में देरी हो रही है, वहां से केरल को सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने रेवंत रेड्डी को केरल के कल्याणकारी मॉडल का अध्ययन करने का निमंत्रण भी दिया।

–आईएएनएस

एएमटी/एबीएम


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