नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रतिबंध कुछ लोगों और कंपनियों पर हैं, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के लिए हथियार बनाने में मदद करते हैं।
कनाडा का कहना है कि ईरान दूसरे देशों और समूहों को हथियार और ड्रोन दे रहा है, जिससे युद्ध और अस्थिरता बढ़ रही है। इसलिए कनाडा ऐसे काम करने वालों पर सख्त कार्रवाई करता रहेगा।
साथ ही मंत्री ने यह भी साफ किया कि कनाडा ईरान के उन लोगों के साथ खड़ा है, जो अपने अधिकारों और आजादी की मांग कर रहे हैं।
मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि ये प्रतिबंध उन ईरानी व्यवसायियों और कंपनियों को निशाना बनाते हैं जो उन खरीद नेटवर्क में सीधे शामिल हैं, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के हथियार उत्पादन और हस्तांतरण का समर्थन करने वाली उन्नत तकनीक का उत्पादन और आपूर्ति करते हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से हथियारों, ड्रोन और तकनीक का हस्तांतरण सशस्त्र संघर्ष को बढ़ावा देता है, अन्य देशों की संप्रभुता को खतरे में डालता है और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन करता है। फिर चाहे वह उसके प्रॉक्सी नेटवर्क हों या रूस, जो इसे यूक्रेन के खिलाफ अपने आक्रामक युद्ध में उन ड्रोन और हथियारों का उपयोग कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ये कदम एक स्पष्ट और सख्त संदेश देते हैं। कनाडा उन लोगों पर कार्रवाई करेगा, जो ईरान की अस्थिर करने वाली गतिविधियों में योगदान देते हैं और ऐसे कार्यों को बर्दाश्त नहीं करेगा जो क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और सुरक्षा को कमजोर करते हैं।
कनाडा ईरान की अस्थिर गतिविधियों का मुकाबला करने, अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने और ईरानी लोगों के साथ खड़े रहने के लिए ठोस कदम उठाता रहेगा, क्योंकि वे स्वतंत्रता, गरिमा और मानवाधिकारों के सम्मान की मांग कर रहे हैं।
पिछले दो वर्षों में कनाडा ने ईरान और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
कनाडा ने उन व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाया है, जो डराने-धमकाने, हिंसा और सीमा-पार दमन के लिए जिम्मेदार हैं। इन नए उपायों के साथ कनाडा ने अब 227 ईरानी व्यक्तियों और 260 ईरानी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है।
–आईएएनएस
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