Saturday, February 14, 2026

बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक एक्वा लाइन मेट्रो विस्तार को केंद्र की मंजूरी


नोएडा, 14 फरवरी (आईएएनएस)। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एनएमआरसी) की एक्वा लाइन मेट्रो को बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक विस्तारित करने की मंजूरी दे दी है। 11.56 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर को चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस परियोजना के पूरा होने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच आवागमन और अधिक सुगम और तेज हो जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) को पहले ही उत्तर प्रदेश कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी थी। अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद निर्माण कार्य का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

यह परियोजना केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। करीब 2,254.35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉरिडोर पर कुल आठ नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। प्रस्तावित स्टेशनों में बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-44, नोएडा ऑफिस, सेक्टर-97, सेक्टर-105, सेक्टर-108, सेक्टर-93 और पंचशील बालक इंटर कॉलेज शामिल हैं।

बॉटनिकल गार्डन स्टेशन पर यह लाइन दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की ब्लू लाइन से जुड़ जाएगी, जिससे यात्रियों को सीधे दिल्ली तक निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और पर्यावरण को भी लाभ होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तार से सेक्टर 44, 93, 105 और 108 जैसे रिहायशी व व्यावसायिक क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलेगा। आईटी और कॉर्पोरेट ऑफिसों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए यह मेट्रो लाइन दैनिक आवागमन का प्रमुख साधन बनेगी।

साथ ही, रियल एस्टेट सेक्टर को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, ग्रेटर नोएडा डिपो स्टेशन से बोड़ाकी तक मेट्रो रूट को भी केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। यह एक्वा लाइन का अब तक का सबसे छोटा विस्तार होगा, जिसकी लंबाई 2.6 किलोमीटर होगी। इस रूट पर जुनपत और बोड़ाकी दो स्टेशन बनाए जाएंगे। बोड़ाकी में एक बड़ा और आधुनिक स्टेशन विकसित करने की योजना है। इस परियोजना पर लगभग 416 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एक्वा लाइन के इन विस्तार परियोजनाओं से नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यातायात दबाव कम होगा और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

–आईएएनएस

पीकेटी/डीएससी


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