बेंगलुरु, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। मल्लिकार्जुन खड़गे के असम में दिए गए कथित विवादित बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। कर्नाटक भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के डीजीपी और आईजीपी एम.ए. सलीम से मुलाकात कर खड़गे के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
भाजपा नेताओं ने मांग की है कि खड़गे को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उनका आरोप है कि असम में चुनाव प्रचार के दौरान खड़गे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना “जहरीले सांप” से की, जो कि भड़काऊ और हिंसा को उकसाने वाला बयान है।
शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की टिप्पणी देशभर में भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष होने के नाते खड़गे को जिम्मेदारी के साथ बयान देना चाहिए, क्योंकि ऐसे बयान दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं- 196, 197, 299 और 353 का हवाला देते हुए कहा कि ये प्रावधान समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, राष्ट्रीय एकता के खिलाफ कार्य करने, धार्मिक भावनाएं आहत करने और हिंसा या भय फैलाने से जुड़े हैं। उन्होंने इन धाराओं के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट के शाहीन अब्दुल्ला बनाम भारत संघ (2022) मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें कानून-व्यवस्था एजेंसियों को नफरत भरे भाषण के मामलों में स्वतः संज्ञान लेने के निर्देश दिए गए थे।
साथ ही, भाजपा नेताओं ने कर्नाटक की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे बयान असामाजिक तत्वों को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने राज्य मंत्री प्रियंक खड़गे के पुराने बयानों का हवाला देते हुए आरएसएस के प्रति कथित विरोध की एक श्रृंखला का भी आरोप लगाया।
इस बीच, इस पूरे मामले पर कांग्रेस या मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
–आईएएनएस
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