बिहार: राज्यसभा चुनाव को लेकर मंथन का दौर जारी, उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर जुटे एनडीए विधायक


पटना, 14 मार्च (आईएएनएस)। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले मतदान को लेकर शनिवार को एनडीए में मंथन का दौर जारी रहा। शनिवार को भाजपा की कोर कमिटी की बैठक आयोजित की गई, तो लोजपा (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय में विधायक दल की बैठक हुई।

इसके बाद शाम को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर एनडीए विधायकों की बैठक हुई। इस दौरान राज्यसभा चुनाव को लेकर मंथन हुआ। कुशवाहा के आवास पर भोज का भी आयोजन किया गया।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बिहार प्रदेश कार्यालय पटना में राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी के विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें पार्टी के सभी विधायक शामिल हुए। बिहार राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए के केंद्रीय पर्यवेक्षक एवं केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री हर्ष मल्होत्रा, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, राष्ट्रीय महामंत्री ऋतुराज सिंहा समेत लोजपा रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी और कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी शामिल हुए।

इधर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख के आवास पर आयोजित बैठक में शामिल होने पहुंचे जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के यहां विधानमंडल की बैठक हो रही है। 16 मार्च को चुनाव होने वाला है। हमें जो जानकारी है, उसके मुताबिक पांचों सीट एनडीए जीतेगी, चार तो तय हैं और पांचवां भी बड़े अंतर से जीत रहे हैं। भाजपा विधायक सुनील कुमार पिंटू ने भी पांचों सीट पर जीत का दावा करते हुए कहा कि यह भोज जीत की ही पार्टी है।

दरअसल, बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें इस बार खाली हो रही हैं और इन सीटों पर चुनाव होने जा रहा है। एनडीए ने राज्यसभा चुनाव में पांच जबकि राजद ने एक प्रत्याशी उतारे हैं। 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। अभी एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं। इसके आधार पर, एनडीए आसानी से चार सीटें जीत सकता है।

चार सीटें जीतने के बाद भी उसके पास कुछ वोट बचे हैं, लेकिन पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी। विपक्षी खेमे में राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाला महागठबंधन है। महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। इसे एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी। यही वजह है कि इस चुनाव को लेकर राजनीतिक गणित और जोड़-तोड़ की चर्चा तेज हो गई है।

–आईएएनएस

एमएनपी/एएसएच


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