पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद को लिखे पत्र में देवेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राजद की नीति से वे सहमत नहीं रह गए हैं। राजद में केवल राज के लिए नीति चल रही है। जबकि राज और नीति में सामंजस्य जरूरी है। सिद्धांत के बिना राजनीति का मतलब आत्मा के बिना शरीर है। उन्होंने आगे लिखा मेरी अंतरात्मा कह रही है कि राजद में एक क्षण भी नहीं रहना चाहिए।
