Thursday, January 15, 2026

सेबी की बड़ी तैयारी, अनलिस्टेड शेयर बाजार में आएगा बड़ा बदलाव


मुंबई, 15 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के अनलिस्टेड शेयर बाजार में बड़ा बदलाव आ सकता है, क्योंकि बाजार नियामक सेबी इस बाजार को रेगुलट करने पर विचार कर रहा है।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरपर्सन तुहिन कांत पांडे ने गुरुवार को कहा कि नियामक विचार कर रहा है कि उसे अनलिस्टेड स्टॉक मार्केट को रेगुलेट करना चाहिए या नहीं, जो कि फिलहाल सेबी के कार्यक्षेत्र से बाहर है।

देश की आर्थिक राजधानी में एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया के 2025-26 के वार्षिक सम्मेलन के दौरान बोलते हुए, सेबी प्रमुख ने कहा कि इस मुद्दे पर कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ चर्चा की जा रही है।

उन्होंने विस्तार से बताया,”सबसे पहले सेबी को यह जांच करनी होगी कि क्या उसके पास उन कंपनियों को विनियमित करने का कानूनी अधिकार है जो स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध नहीं हैं और इस तरह का विनियमन कितनी हद तक विस्तारित हो सकता है।”

अनलिस्टेड स्टॉक मार्केट में वह कंपनियां शामिल होती हैं, जो कि फिलहाल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध नहीं है।

मौजूदा समय में ज्यादातर निवेशक अनलिस्टेड शेयरों को प्राइवेट डील, कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन प्लान और अन्य बिचौलियों से खरीदते हैं।

यह कंपनियां सूचीबद्ध नहीं हैं, इसलिए उन्हें सख्त और निरंतर प्रकटीकरण नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं है, जिसके कारण निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति और व्यावसायिक जोखिमों के बारे में सीमित या देरी से जानकारी ही मिल पाती है।

पांडे ने कहा कि सेबी की मुख्य चिंताओं में से एक अनलिस्टेड मार्केट में कीमतों और कंपनियों द्वारा प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) जारी करने पर सामने आने वाले मूल्यांकनों के बीच बड़ा अंतर होना है।

उन्होंने कहा, “निजी सौदों में तय की गई कीमतें अकसर आईपीओ बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के दौरान पता चली कीमतों से मेल नहीं खातीं, जिससे निवेशकों के लिए भ्रम और संभावित जोखिम पैदा होते हैं।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लिस्टेड कंपनियों द्वारा पालन किए जाने वाले नियम अनलिस्टेड कंपनियों पर सीधे लागू नहीं किए जा सकते।

परंपरागत रूप से, सेबी की नियामक भूमिका तभी शुरू होती है जब कोई कंपनी अपने शेयर सूचीबद्ध करने की तैयारी करती है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रस्तावित आईपीओ पर पांडे ने कहा कि बाजार नियामक वर्तमान में एक्सचेंज के निपटान आवेदन की समीक्षा कर रहा है।

–आईएएनएस

एबीएस/


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