नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक के बाद एक कई अहम बैठक की। तय कार्यक्रमानुसार उन्होंने भूटान के अपने समकक्ष दाशो त्शेरिंग से भी द्विपक्षीय बातचीत की, जिसमें सम्मान आधारित रिश्तों में एआई की भूमिका पर मंथन किया। त्शेरिंग ने पीएम मोदी को बड़े भाई कहकर इस अति महत्वपूर्ण एआई समिट को आयोजित करने के लिए बधाई दी।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी अहमियत पर प्रकाश डाला। पोस्ट में लिखा, “दोनों नेताओं ने एनर्जी, कनेक्टिविटी, डेवलपमेंट पार्टनरशिप और पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट में हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों ने सबको साथ लेकर चलने वाली और जन केंद्रित एआई इस्तेमाल को अहम बताया। साथ ही एआई और डिजिटल टेक स्पेस में सहयोग को और रफ्तार देने पर सहमत हुए। दोनों नेताओं ने भरोसे, सद्भाव और आपसी सम्मान की बुनियाद पर खड़ी भारत-भूटान साझेदारी को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का अपना वादा दोहराया।”
बैठक के बाद भूटान के पीएम ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- अपने बड़े भाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें भारत में ग्लोबल साउथ का पहला एआई समिट आयोजित करने पर बधाई दी। साथ ही भूटान के राजा, सरकार और लोगों की तरफ से बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
बता दें, बुधवार को एक ही दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने मैराथन बैठक की। उनकी पहली बैठक हैदराबाद हाउस में स्पेन के राष्ट्रपति पेद्रो सांचेज के साथ हुई, जिसमें भारत और स्पेन के बीच रिन्यूएबल एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और रक्षा सहयोग पर लंबी चर्चा हुई।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच, और एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस से द्विपक्षीय मुलाकात की। दिन की आखिरी द्विपक्षीय बैठक कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओल्झास बेक्टेनोव से थी, जिसमें दोनों देशों ने ऊर्जा, रेयर मिनरल, कनेक्टिविटी, और मध्य एशिया सहयोग को लेकर बातचीत की।
सोमवार को शुरू हुए सम्मेलन का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका पर चर्चा करना है, जिससे समावेशी विकास, मजबूत सार्वजनिक व्यवस्था और सतत विकास को बढ़ावा मिल सके। इतने बड़े स्तर पर एआई केंद्रित यह पहला वैश्विक सम्मेलन है, जो ग्लोबल साउथ में आयोजित किया जा रहा है।
यह सम्मेलन 20 फरवरी तक चलेगा। इसमें 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिनमें 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख तथा 60 मंत्री और उपमंत्री शामिल हैं।
–आईएएनएस
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