मुंबई, 18 मई (आईएएनएस)। भूमि पेडनेकर इन दिनों सिर्फ अपनी फिल्मों और वेब सीरीज को लेकर ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभवों को लेकर भी चर्चा में हैं। इस बीच, वह हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला पहुंचीं, जहां उन्होंने तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से मुलाकात की। यह मुलाकात भूमि के लिए बेहद खास रही। उन्होंने इस अनुभव को अपने सोशल मीडिया के जरिए फैंस के साथ साझा किया।
भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें वह दलाई लामा के साथ बैठी नजर आईं, जबकि कुछ तस्वीरों में धर्मशाला की खूबसूरत वादियां और वहां के आध्यात्मिक वातावरण की झलक दिखाई दी।
पोस्ट के कैप्शन में भूमि ने लिखा, ”दलाई लामा की मौजूदगी में मुझे सब कुछ बहुत हल्का, शांत और किसी सपने जैसा महसूस हुआ। जैसे ही मैं वहां से वापस लौटी, तो मेरी आंखों से आंसू बहने लगे थे। इस एहसास को शब्दों में पूरी तरह बताना आसान नहीं है। यह अनुभव मैंने दिल से महसूस किया।”
भूमि ने आगे कहा, ”मैं पिछले कुछ समय से खुद को समझने और मानसिक शांति पाने की यात्रा पर हूं। जिंदगी में मिलने वाले ऐसे खास पल मुझे भगवान और जीवन के प्रति ज्यादा शुक्रगुजार बना देते हैं। दलाई लामा से मिलना मेरे लिए शांति, दया और प्रेम से भरा ऐसा अनुभव था, जिसे मैं जिंदगीभर याद रखूंगी।”
भूमि की इस पोस्ट पर फैंस के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने भी प्रतिक्रिया दी।
दलाई लामा का जीवन पूरी दुनिया में चर्चा का विषय रहा है। साल 1959 में तिब्बत में चीन के शासन के खिलाफ विद्रोह हुआ था। हालात बिगड़ने के बाद दलाई लामा को तिब्बत छोड़ना पड़ा। वह अपने कुछ साथियों के साथ हिमालय पार करके भारत पहुंचे थे। उस समय भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें देश में शरण दी थी। बाद में हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में तिब्बती निर्वासित सरकार का केंद्र बनाया गया, जो आज भी तिब्बती समुदाय के लिए बेहद अहम जगह मानी जाती है।
दलाई लामा को भारत में शरण दिए जाने के बाद भारत और चीन के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। चीन ने इसे अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप माना। उसी दौरान दोनों देशों के बीच सीमा विवाद भी गहराने लगे। धीरे-धीरे यह तनाव इतना बढ़ा कि साल 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध हो गया। इस युद्ध ने दोनों देशों के रिश्तों पर गहरा असर डाला।
–आईएएनएस
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